गौरव दिवस समारोह में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, सांसद  रमाकांत भार्गव और प्रभारी मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी सहित अनेक जनप्रतिनिधि शामिल हुए। इस कार्यक्रम में नसरुल्लागंज के जो निवासी रोजगार या व्यापार के लिए बाहर चले गये है उन्हें भी आमंत्रित किया गया। कार्यक्रम में नगर का नाम रोशन करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने नसरूल्लागंज को करोड़ो रूपए के निर्माण और विकास कार्यों की सौगात दी।

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किसानों के साथ चर्चा 

नसरूल्लागंज में 2 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित कृषक संगोष्ठी भवन का लोकार्पण मुख्यमंत्री  चौहान द्वारा किया गया। साथ ही कृषक संगोष्ठी भवन में किसानों से खेती के संबंध में चर्चा की। इसके साथ ही मुख्यमंत्री द्वारा नगर परिषद द्वारा निर्मित सेल्फी पॉइन्ट का अवलोकन किया गया । मुख्यमंत्री ने निर्माण और विकास कार्यों का भूमिपूजन भी किया। कई निर्माण कार्यों का लोकार्पण हुआ।

ये  लाभान्वित

मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं के हितग्राहियों को लाभान्वित किया। प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना (पथ विक्रेता), स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजना, धारणाधिकार योजना और लाड़ली लक्ष्मी योजना के कुल 15 हितग्राहियों को मंच से लाभान्वित किया गया

छात्रों से चर्चा

मुख्यमंत्री ने शासकीय महाविद्यालय नसरुल्लागंज के विद्यार्थियों से उनकी पढ़ाई और अन्य विषयों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने छात्रों को प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं के तहत स्वयं का रोजगार स्थापित कर दूसरों को रोजगार देने के लिए प्रेरित किया। इसके साथ ही शहरी आजीविका मिशन नसरुल्लागंज के अंतर्गत रोजगार प्रशिक्षणार्थियों से चर्चा की ।

शिवराज ने क्या कहा 

मेरे बेटा बेटियों, आपने पिछली बार मुझसे महाविद्यालय मे छात्र संख्या में वृद्धि की वजह से भवन मे जगह की कमी की बात कही थी। इसलिए मैंने सभी छात्रों के बैठने लायक भवन स्वीकृत कर दिया है ताकि किसी को अब बाहर न बैठना पड़े।

आप खूब पड़ें, आगे बढ़ें और देश का नाम रोशन करें।

मैंने अपने प्रदेश के बेटे बेटियों से यही कहना चाह रहा हूँ की जमाना बदल गया है। आपको पढ़ना भी है, आगे बढ़ना भी है और नया भविष्य गढ़ना भी है।

हम व्यावसायिक शिक्षा भी दे रहे हैं जिससे आप पढ़ाई के साथ साथ ही सरकारी नौकरी के अलावा भी अपना व्यवसाय कर सकें।

मैंने 'माँ तुझे प्रणाम योजना' फिर से शुरू करने का निर्णय लिया है। इसमें हमारे प्रदेश के बेटे बेटियाँ देश की सीमा पर जाते हैं और सैनिकों से मिलते हैं।

इससे युवाओं मे राष्ट्रवाद व देशभक्ति की भावना का प्रसार होगा व राष्ट्रीय एकता को बल मिलेगा।