भोपाल: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि आने वाली पीढ़ियों के लिए वनों और वन्यजीवों का संरक्षण जरूरी है। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि विकास और प्रकृति के बीच द्वंद न हो, समन्वय बना रहे और वन आजीविका का सतत रूप से स्रोत बनें रहें, इसका ध्यान रखना आवश्यक है। इनके प्रबंधन का दायित्व भारतीय वन सेवा के अधिकारियों पर है।
मुख्यमंत्री चौहान ने यह भी कहा कि यह आवश्यक है कि वन विभाग का अमला वन क्षेत्र में माफियाओं को पनपने नहीं दे।
मुख्यमंत्री श्री चौहान भारतीय वन सेवा संघ द्वारा आयोजित दो दिवसीय वानिकी सम्मेलन के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
प्रशासन अकादमी में आयोजित कार्यक्रम में आईएएस अफसरों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि मानव जीवन के सुगम और सतत संचालन के लिए अखिल भारतीय वन सेवा के अधिकारियों की जिम्मेदारी बहुत महत्वपूर्ण है। अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन संपूर्ण प्रतिबद्धिता और संवेदनशीलता से करें।
कर्मचारियों के लिए विशेष नीति बनाना जरूरी-
मुख्यमंत्री ने कहा कि वनों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले फारेस्ट गार्ड, महावत, वाचर तथा घांस कटर सहित जमीनी सतर पर कार्य कर रहे है। कर्मचारियों के कल्याण के लिए विशेष नीति बनाई जाना आवश्यक है। वन विभाग की सकारात्मक गतिविधियों, वन क्षेत्र तथा वन्यजीवों के संरक्षण जैसी उपलब्धियों पर लघु फिल्में बनाकर सोशल मीडिया पर उनका प्रचार प्रसार किया जाए।
वन सेवा के अधिकारियों ने वनों को बचाने के साथ-साथ उन्हें बढ़ाने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मध्यप्रदेश ने बाघ, तेंदुआ , गिद्द, घड़ियाल, आदि के संरक्षण में उल्लेखनीय उपलब्धि अर्जित की है, अब हम देश के इकलौते चीता प्रदेश भी बन गए हैं। पन्ना में बाघों का पुनर्स्थापन भी महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इसके लिए वन सेवा के अधिकारी बधाई के पात्र हैं।
"एक्सप्लोरिंग सतपुड़ा" फ़िल्म का विमोचन-
मुख्यमंत्री चौहान ने "वन विभाग- सफलता के नए आयाम" पुस्तिका का विमोचन किया । इसके साथ ही मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सतपुड़ा टायगर रिजर्व वेबसाइट का विमोचन किया तथा कूनो नेशनल पार्क में चीता पुनर्स्थापन पर बनाई गई फिल्म "कूनो : रिटर्न ऑफ चीता" के टीजर तथा सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के प्राकृतिक सौन्दर्य, अदभुत जैव विविधता और ईको पर्यटन को दर्शाती फिल्म "एक्सप्लोरिंग सतपुड़ा" का विमोचन किया।
पेसा एक्ट के क्रियान्वयन में विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका-
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में पेसा एक्ट के सफल क्रियान्वयन में वन विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है। जनजातीय समुदाय को तेंदूपत्ता सहित अन्य वनोपज के संग्रहण और उसके विपणन के संबंध में प्रशिक्षण और उसके प्रबंधन में सहयोग देना आवश्यक है। जनजातीय क्षेत्रों में संचालित क्रेशर और गौण खनिज की खदानों के संचालन में भी जनजातीय युवाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करना होगा। जनजातीय भाई-बहनों की जमीन की रक्षा में भी वन विभाग के अमले की महत्वपूर्ण भूमिका है।