दिग्विजय ने कहा- फसल बीमा की राशि से कर्ज की वसूली कर ली..
भोपाल: राज्य की शिवराज फसल बीमा राशि की निकासी पर रोक, सरकार ओलावृष्टि से पीड़ित किसानों के आंसू पोछने का प्रयास कर रही है, इसके तहत एक लाख 71 हजार से ज्यादा किसानों को उनकी फसलें खराब होने पर राजस्व पुस्तक परिपत्र के अनु आर्थिक सहायता देने का सिलसिला कल से शुरू होगा।
उधर तीन दिन पहले बैतूल से फसली बीमा की रेकार्ड राशि के वितरण की शुरूआत के बाद इसमें शिकायतें उभरी हैं।
इधर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया है कि मौसम की मार से बेहाल किसानों को शिवराज सरकार ने खरीफ 2020 और रबी 2021 सीजन का फसल बीमा तो दिया, पर उस राशि में से को कर ली। बजट खाते में जो राशि जमा हुई है उसकी निकासी पर भी रोक लगा दी है। इससे किसान परेशान है।
सिंह ने किसानों से अपील की है कि उनके साथ ऐसा हो रहा है तो इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट डालें। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि एक साल के विलंब से सरकार ने किसानों को फसल बीमा तब दिया, जब किसानों ने हरदा में पदयात्रा निकाली।
इस पर कृषि मंत्री कमल पटेल ने बताया कि फसल बीमा की राशि किसान के खातों में जमा कराई गई है। नियमानुसार ही बैंक राशि का समायोजन करते हैं। फसल बीमा का प्रीमियम तक कमलनाथ सरकार ने जमा नहीं किया था।
जानकारी के मुताबिक ओला राहत वितरण के लिये कल एक कार्यक्रम भी होगा। राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान राहत राशि वितरण की शुरुआत करेंगे।
किसानों को पौने दो सौ करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता दी जाएगी। उल्लेखनीय है कि प्रदेश के 25 जिलों में ओलावृष्टि से खरीफ की फसले प्रभावित हुई थी। एक एक गांव का संयुक्त दल बनाकर सर्वे कराया गया। पंचनामा बनाकर प्रभावित किसानों की सूची पंचायत भवन में चस्पा कराई गई, ताकि दावा आपत्ति की जा सके ज्ञात हो कि हाल में किसानों को सरकार ने फसल बीमा की राशि भी समारोह पूर्वक दी है।