भोपाल: सत्तारूढ़ दल के विधायक नारायण त्रिपाठी ने एक बार फिर अपनी सरकार को आरोपों के कठघरे में खड़ा कर दिया है. मैहर विधायक त्रिपाठी ने कहा है कि महाकाल लोक का घटिया निर्माण होना, भगवान शिव का अपमान का है.
महाकाल की नगरी उज्जैन जिसमें दिव्य और भव्य महाकाल लोक बनाये जाने पर 360 करोड़ रूपये खर्च किया है. उन्होंने कहा कि महाकाल लोक के निर्माण में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया किया गया है. उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के कारण ही थोड़ा आंधी-तूफान क्या आया इस लोक में लगी मूर्तियां खंडित हो गयी.
किसी का सिर धड़ से अलग हो गया तो किसी का कोई अंग खंडित हो गया. इतने कम समय में इस बहुप्रचारित महाकाल लोक के निर्माण में हुई गड़बड़ी और भ्रष्ट्राचार की कहानी एक छोटा सा तूफान लिख गया. महाकाल लोक उज्जैन में हवा का एक झोंका क्या आया तश्वीर ही बदल गयी.
धार्मिक स्थलों के कार्यो में भी इस तरह का घटिया निर्माण पापकार्य है. विधायक त्रिपाठी ने कहा कि ऐसा होना महापाप है. इसकी सजा सरकार और उसके नुमाइंदों और निर्माण में गड़बड़ी करने वालों को जरूर मिलेगी, बाबा महाकाल के काम में घोटाला करने वालों को महाकाल सजा जरूर देंगें.
उन्होंने कहा कि मै चुनौती के साथ कहता हूं कि यदि उज्जैन महालोक निर्माण की उच्चस्तरीय जांच ऐसे लोगों से कराई जावे जो सरकार के दबाब में न हो तो प्रदेश के एक बड़े घोटाले के रूप में इस लोक में हुए निर्माण कार्य शुमार होंगे.