दिल्ली के महरौली थाना इलाके से दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. करीब 6 महीने पहले हुई एक हत्या के मामले को सुलझाने का दावा दिल्ली पुलिस ने किया. आरोपी की गिरफ्तारी के बाद से जो सच्चाई सामने आ रही है. उसने सभी को सोचने पर मजबूर कर दिया.
गिरफ्तार किए गए व्यक्ति का नाम आफताब है. उस पर श्रद्धा नाम की एक युवती की हत्या का गंभीर आरोप है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सबसे पहले दोनों की दोस्ती मुंबई में एक कॉल सेंटर में काम करने के दौरान हुई. धीरे-धीरे दोस्ती प्यार में बदलने लगी.
इसकी जानकारी परिवार वालों को लगी तो उन्होंने इसका विरोध किया. जिसके बाद आफताब और श्रद्धा घर वालों से दूर भागकर दिल्ली आ गए. घर वालों को सोशल मीडिया के ज़रिये श्रद्धा की जानकारी मिलती रहती थी.
समय आगे बढ़ता गया और धीरे-धीरे जानकारी भी मिलना बंद हो गई. जिसके बाद परिवार वालों को शक हुआ तो लड़की के पिता दिल्ली पहुंचे. उन्होंने लंबे समय तक बेटी की तलाश की लेकिन जब कोई जानकारी नहीं मिली तो उन्होंने 8 नवंबर 2022 को पुलिस में अपहरण की एफआईआर दर्ज कराई.
पिता ने पुलिस को जानकारी देते हुए बताया कि उनकी बेटी मुंबई के कॉल सेंटर में काम करती थी. उस दौरान आफताब और श्रद्धा की मुलाकात हुई थी. दोस्ती आगे चलकर प्यार में बदल गई लेकिन परिवार इस बात से नाख़ुश था. इसी विरोध के चलते उनकी बेटी और आफताब मुंबई छोड़कर दिल्ली आ गए और दोनों एक साथ छतरपुर इलाके में रहने लगे थे.
एफआईआर के आधार पर पुलिस टेक्निकल टीम की मदद से आफताब की तलाश में जुट गई. जल्द ही पुलिस ने एक गुप्त सूचना के ज़रिये आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि दिल्ली आने के बाद श्रद्धा उस पर शादी का दबाव बनाने लगी थी. जिसके चलते उन दोनों के बीच अक्सर झगड़े होने लगे थे.
आरोपी ने खुद इस बात को कबूला कि उसने 18 मई को बेरहमी से उसकी हत्या की और फिर आरी से शव के टुकड़े कर महरौली के जंगलों में फेंक दिए. पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी आफताब ने श्रद्धा के शव के करीब 35 टुकड़े किए थे.
हत्या के बाद उन टुकड़ों को उसने सबसे पहले एक फ्रिज खरीद कर उसमें रखा. फिर करीब 18 दिन तक लाश के टुकड़ों को अलग-अलग जगह ठिकाने लगाते रहा. वह रोजाना देर रात घर से निकलता था फिर उन टुकड़ों को महरौली के जंगलों में फेंक देता था.
फ़िलहाल आरोपी दिल्ली पुलिस कस्टडी में मौजूद है. पुलिस आरोपी को लेकर लाश के टुकड़े तलाश करने के लिए निकल पड़ी है. अभी तक पुलिस को केवल कुछ हड्डिय़ां ही हाथ लगी हैं. जिन्हें अब फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा. पुलिस मामले की तफ्तीश में जुटी है. इस घटना की सच्चाई सुनने के बाद इसे इंसानियत की आड़ में हैवानियत ही कह सकते हैं.