विदेशों में बसे भारतीय मूल के श्रद्धालुओं के लिए मध्यप्रदेश बीजेपी कार्यक्रम की लाइव लिंक उपलब्ध कराएगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस संदर्भ में  40 देशों के एनआरआई के साथ की वर्चुअल मीटिंग में यह पहल की है। बीजेपी विदेश संपर्क विभाग द्वारा आयोजित इस वर्चुअल मीटिंग में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और विदेश संपर्क विभाग के सह संयोजक सुधांशु गुप्ता भी शामिल रहे। 

मीटिंग में यह निर्णय लिया गया कि महाकाल लोक के लोकार्पण के अवसर पर विदेशों के मंदिरों में भी उत्सव सा माहौल रहेगा। मंदिरों में दीप जलाए जाएंगे और विशेष पूजा अनुष्ठानों का आयोजन होगा। विदेशों में भी बड़ी स्क्रीन पर लोकार्पण कार्यक्रम लाइव दिखाया जाएगा।  

वर्चुअल मीटिंग में यूएसए, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, यूके, यूएई, कनाडा हॉलैंड कुवैत के एनआरआई शामिल हुए और मध्यप्रदेश बीजेपी की पहल के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। 

तय कार्यक्रम के मुताबिक़, महाकाल लोक का लोकार्पण कार्यक्रम महाकाल की विशेष पूजा अर्चना के साथ शुरू होगा। पीएम मोदी शाम 5:30 बजे उज्जैन पहुंचेंगे। वो सबसे पहले गर्भ गृह में बाबा महाकाल की पूजा अर्चना करेंगे। उसके बाद शाम 6:30 बजे महाकाल प्रोजेक्ट के नंदी द्वार पर लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके बाद शाम 7:00 बजे कार्तिक मेला ग्राउंड में सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शामिल होंगे और एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे।

वहीं मध्यप्रदेश के गाँव-गाँव और शहर-शहर देवालयों में बड़ी संख्या में लोग एकत्रित होकर शिव भजन, पूजन, कीर्तन, अभिषेक, आरती करेंगे। शंख-ध्वनि होगी, घंटे-घड़ियाल बजाए जाएंगे। मंदिरों, नदियों के तट तथा घर-घर दीपक जलाए जाएंगे। धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा भोजन-भंडारे होंगे।

कार्तिक मेला ग्राउंड उज्जैन में प्रधानमंत्री मोदी के सभा-स्थल पर शिवमय थीम पर केन्द्रित साज-सज्जा की गई है। साथ ही विशेष ध्वनि, प्रकाश एवं सुगंध के माध्यम से मंदिर के पवित्र वातावरण का निर्माण किया जाएगा। संतों के लिए अलग से मंच की व्यवस्था की गई है। इस अवसर पर प्रख्यात गायक कैलाश खेर द्वारा महाकाल का स्तुति गान होगा।

उज्जैन एवं इंदौर संभाग की प्रत्येक ग्राम-पंचायत से श्रद्धालु कार्यक्रम स्थल पर पहुँचेंगे। धार्मिक अनुष्ठान संपादित करने वाले तड़वी, पटेल, पुजारी और विभिन्न समुदायों के गणमान्य व्यक्ति उपस्थित होंगे। सभा स्थल पर 60 हजार से अधिक नागरिकों की उपस्थिति की संभावना है। उज्जैन में शिप्रा नदी के सभी घाटों पर लगभग एक लाख श्रद्धालु एलईडी स्क्रीन पर कार्यक्रम देखेंगे।

साथ ही प्रदेश के सभी शासकीय देव-स्थानों पर दीपमालाएँ जला कर रोशनी की जाएगी। प्रदेश के सभी बड़े शिव मंदिरों जैसे टीकमगढ़ का बांदकपुर मंदिर, छतरपुर का जटाशंकर मंदिर आदि स्थानों में सांस्कृतिक एवं धार्मिक आयोजन किए जाएंगे। यहाँ बड़ी स्क्रीन लगाकर कार्यक्रम का प्रसारण होगा। भजन-पूजन, भोजन-भंडारों की व्यवस्था भी होगी।