Tamil Nadu Flood Update: तमिलनाडु में बीते रविवार (17 दिसंबर) से लगातार हो रही भारी बारिश की वजह से बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए है. इसमें अब तक राज्य में करीब 10 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं, राहत एवं बचाव कार्य के लिए भारतीय सेना ने भी मोर्चा संभाल रखा है.

तमिलनाडु में भारी बारिश की वजह से अब तक 75,000 लोग राहत कैंप में पहुंच गए हैं. उनके रहने खाने-पीने से लेकर सारी व्यवस्थाएं अलग-अलग जिलों में प्रशासन द्वारा की गई है. इस राहत एवं बचाव अभियान में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के अलावा भारतीय सेना भी जुटी हुई है.

वायुसेना के हेलीकॉप्टर लगातार राहत सामग्री बाढ़ प्रभावित लोगों तक पहुंचाने में लगे हुए है. इसके अलावा आईएनएस पारुंडु और सुलूर वायु सेना स्टेशन से हेलीकॉप्टरों को बाढ़ प्रभावित दक्षिणी क्षेत्रों में भोजन सामग्री पहुंचाने के लिए तैनात किया गया है.

वहीं, वायुसेना के हेलीकॉप्टर मी-17 v5 और एएलएच के जरिए बाढ़ प्रभावित इलाकों में फसे लोगों को छतों से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है. इसके कुछ वीडियो भी सोशल मीडिया पर देखें जा सकते हैं जिसमें वायुसेना की टीम लोगों की मदद में जुटी हुई है.

तमिलनाडु के मुख्य सचिव शिवदास मीना ने मंगलवार यानी 19 दिसंबर को बताया था कि राज्य के दक्षिणी जिलों में बीते दो दिनों में रिकॉर्ड तोड़ बारिश हुई, जिससे 10 लोगों की मौत हुई है. साथ ही आम जनजीवन प्रभावित हुआ है. यहां भारत मौसम विभाग का भारी बारिश का पूर्वानुमान भी 'गलत' साबित हुआ क्योंकि दो दिनों के भीतर प्रभावित जिलों में अत्यधिक भारी बारिश हुई है.

भारी बारिश के कारण तिरुनेलवेली और तूतीकोरिन जिलों में 10 लोगों की मौत हो गई. कुछ की जान दीवार गिरने के कारण गई, तो वहीं कुछ की मौत करंट लगने से हुई है. बीते दो दिनों में दक्षिणी जिले विशेषकर तिरुनेलवेली, तूतीकोरिन, कया लपट्टिनम, तिरुचेंदूर में रिकॉर्ड तोड़ बारिश हुई. कुल और भी जिले बाढ़ से प्रभावित हुए हैं.

प्रदेश में बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए करीब 160 राहत शिविर केंद्र बनाये गए हैं. इन राहत शिविरों में लगभग 17,000 लोगों को रखा गया है. फ़िलहाल, बाढ़ में फसे लोगों तक भी भोजन पैकेट पहुंचाने में टीमें लगी हुई हैं. राहत कार्य में नौ हेलीकॉप्टर लगाए गए हैं. उनके जरिए ही फंसे हुए लोगों तक खाद्य सामग्री पहुंचाई जा रही है.

इस अभियान में नौसेना, वायु सेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य आपदा मोचन बल सहित केंद्र और राज्य सरकार की एजेंसियों के लगभग 1,343 कर्मी बचाव और राहत में दिन रात लगे हुए हैं. बाढ़ के कारण संचार स्थापित करने में भी परेशानी हो रही है. कई हिस्सों में संचार नेटवर्क बंद हैं. वहां पुलिस वायरलेस नेटवर्क के माध्यम से संपर्क किया जा रहा है.