भोपाल. नेशनल हेरल्ड केस में सोनिया गांधी से पूछताछ पर कांग्रेस प्रदर्शन कर रही है. इससे पहले ED राहुल गांधी से भी कई दिनों तक पूछताछ कर चुकी है. ED से पूछताछ में एक बार फिर मोतीलाल वोरा का नाम उछला है। सूत्रों के अनुसार सोनिया गांधी ने ईडी की पूछताछ में मोतीलाल वोरा का नाम लिया है। एजेएल और यंग इंडिया के बीच हुए लेनदेन के वक्त वोरा कांग्रेस के कोषाध्यक्ष थे। सोनिया ने कहा है कि सिर्फ वही इस लेनदेन के बारे में पूरी बात बता सकते हैं। इसके पहले राहुल गांधी भी यही बात कह चुके हैं।
अविभाजित मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री और केंद्र में मंत्री रहे वोरा अब इस दुनिया में नहीं हैं। वे गांधी परिवार के बेहद करीबी और विश्वस्त भी थे। एमपी में उन्हें ईमानदार राजनेता के तौर पर हमेशा सम्मान की नजर से देखा गया. यही कारण है कि मामले में मोतीलाल वोरा का नाम उछलने से पुराने कांग्रेसियों सहित अन्य राजनेताओं ने दबे शब्दों में नाराजगी भी जाहिर की है. दरअसल प्रवर्तन निदेशालय (ED) के कुछ सवाल कांग्रेस के कई आला नेताओं की गले की फांस बन चुके हैं। एसोसिएटेड जर्नल लिमिटेड (AJL) और यंग इंडियन प्राइवेट (YIP) के बीच हुए लेनदेन का जवाब किसी को नहीं सूझ रहा. इसीलिए दिवंगत मोतीलाल वोरा (Motilal Vora) का नाम उछाला जा रहा है।
कांग्रेस कह रही है कि एजेएल और यंग इंडियन के बीच सभी वित्तीय लेनदेन की जिम्मेदारी वोरा पर ही थी। सोनिया और राहुल कंपनी में प्रमोटर हैं जबकि मोतीलाल वोरा भी इसमें शेयरधारक थे। सूत्र बताते हैं कि इससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ के दूसरे दिन ईडी के कुछ सवालों के जवाब में सोनिया गांधी ने जहां अधिकांश प्रश्नों पर 'नहीं मालूम' में उत्तर दिया वहीं मोतीलाल वोरा का नाम भी लिया। कांग्रेस अध्यक्ष ने पूछताछ में बताया कि सौदे के वक्त मोतीलाल वोरा ही ट्रेजरर थे। कांग्रेस, एजेएल और यंग इंडियन के बीच ट्रांजैक्शन के बारे में सिर्फ उन्हें ही पता था।
ईडी से पूछताछ में इसके पहले राहुल गांधी भी मोतीलाल वोरा का नाम ले चुके हैं। कांग्रेस के अन्य नेताओं का भी यही स्टैंड रहा है। राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और ट्रेजरर पवन कुमार बंसल ने भी एजेंसी की पूछताछ में यही बात कही थी। राहुल के साथ पूछताछ के बाद जब मोतीलाल वोरा का नाम चर्चा में आया तो दिवंगत नेता के बेटे अरुण वोरा की प्रतिक्रिया सामने आई थी। उन्होंने अपने पिता के नाम पर कोई भी शेयर होने से साफ इनकार किया था। उन्होंने बताया था कि इस मामले में पिता के साथ न तो कभी किसी तरह की बात हुई थी और न उन्होंने ही कोई जानकारी दी।
हालांकि अरुण वोरा यह भी बोले थे कि राहुल गांधी ऐसे आरोप नहीं लगा सकते हैं। इस तरह के आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं। मोतीलाल वोरा इंदिरा गांधी से लेकर राहुल गांधी तक के साथ काम कर चुके थे। मामले में वोरा पर भी आरोप थे लेकिन 2020 में कोरोना की वजह से निधन के बाद ईडी के उनके खिलाफ कार्रवाई बंद कर दी थी।