नेशनल हेराल्ड मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) गुरुवार यानि आज कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से पूछताछ करेगा। साथ ही कांग्रेस पार्टी पूरे देश में इसका विरोध करेगी। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस द्वारा वरिष्ठ नेताओं की बैठक बुलाई गई थी, जिसमें सोनिया गांधी मौजूद थी, इस बैठक में आगे की रणनीति पर मंथन किया गया।

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और सांसद दिल्ली में मौजूद हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि यूथ कांग्रेस और नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी दिल्ली पहुंचे है। पार्टी दफ्तर के नेताओं का विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गया है।

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कल से पार्टी देश भर में करेगी प्रदर्शन-

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ट्वीट करते हुए लिखा, मोदी-शाह की जोड़ी द्वारा हमारे शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ जिस प्रकार से राजनीतिक प्रतिशोध जारी है, उसके विरुद्ध कांग्रेस पार्टी अपनी नेता सोनिया गांधी के साथ सामूहिक एकजुटता व्यक्त करते हुए कल देश भर में प्रदर्शन करेगी। हम समझते हैं कि सरकार कांग्रेस को महंगाई, बेरोज़गारी जैसे ज़रूरी मुद्दों पर जनता की आवाज़ उठाने से रोकने के लिए ED का इस्तेमाल कर रही है, पर हम बिना डरे और झुके देश की जनता द्वारा सरकार से कड़े सवाल पूछने के कर्तव्य को निभाते रहेंगे।

ED ने पहले भी जारी किया था समन-

ईडी ने इससे पहले सोनिया गांधी को 23 जून को पेश होने के लिए एक समन जारी किया था, लेकिन वह इस तारीख को पेश होने में विफल रहीं थी। क्योंकि कोविड-19 और फेफड़ों के संक्रमण के चलते अस्पताल में भर्ती होने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें घर पर ही आराम करने की सलाह दी थी। सबसे पहले कांग्रेस अध्यक्ष को 8 जून को पेश होने का नोटिस दिया गया था, लेकिन कोरोनवायरस से संक्रमित होने के कारण उन्हें नई तारीख दी गई।

ईडी ने सोनिया गांधी के बेटे और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से इस मामले में पांच दिनों तक कई सत्रों में 50 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की। यह जांच कांग्रेस द्वारा प्रवर्तित यंग इंडियंस प्राइवेट लिमिटेड में कथित वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित है, जो नेशनल हेराल्ड अखबार से संबंधित है।

ईडी द्वारा धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की आपराधिक धाराओं के तहत एक नया मामला दर्ज होने के बाद सोनिया और राहुल गांधी से पिछले साल के अंत में पूछताछ शुरू की गई थी। इससे पहले, निचली अदालत ने 2013 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा दायर एक निजी आपराधिक शिकायत के आधार पर यंग इंडिया के खिलाफ आयकर विभाग की जांच पर ध्यान दिया था।