कांग्रेस संसदीय दल की बैठक में अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने बीजेपी और केंद्र सरकार पर निशाना साधा। सोनिया ने भाजपा पर विभाजनकारी और राजनीति का ध्रुवीकरण करने के साथ-साथ विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने का भी आरोप लगाया है। सोनिया ने बैठक में कहा कि सरकारी तंत्र का इस्तेमाल विपक्ष और विपक्ष के नेताओं के खिलाफ किया जा रहा है।

बैठक में सोनिया ने आगे कहा कि विपक्ष डरेगा नहीं और धमकियों से चुप नहीं रहेगा। हमें नफरत फैलाने वाली ताकतों के खिलाफ खड़ा होना चाहिए। हमे भाईचारे और सद्भाव को बिगाड़ने नहीं देना चाहिए। इस बीच सोनिया ने बताया कि छोटे और मध्यम उद्यमों की हालत अभी भी खराब है, जबकि किसानों से किए गए वादों के पूरे होने के कोई आसार नहीं दिख रहे हैं। रसोई गैस, तेल, पेट्रोल-डीजल, उर्वरक और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतें सहनशीलता की सीमा को पार कर चुकी हैं और लगातार बढ़ रही हैं।

मनरेगा और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा की तारीफ: 

यूपीए सरकार द्वारा शुरू की गई मनरेगा और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना की प्रशंसा करते हुए सोनिया ने बताया कि प्रधानमंत्री द्वारा पहले इन योजनाओं की आलोचना की गई, लेकिन यहीं योजनाएं पिछले दो वर्षों से लाखों लोगों के लिए एक तारणहार रही हैं।

सोनिया ने कांग्रेस की हार पर जताई चिंता :

सोनिया ने कहा कि चुनाव परिणाम चौंकाने वाले और दर्दनाक थे। सोनिया गांधी चुनाव नतीजों के बाद से ही कई नेताओं से मिल चुकी हैं और संगठन को मजबूत करने के लिए सुझाव भी मांगे हैं। सोनिया ने एक थिंक टैंक का भी आह्वान किया ताकि पार्टी के लोगों के विचार सुने जा सकें।