भोपाल: मप्र विधानसभा के स्पीकर गिरीश गौतम ने अपने डिप्टी स्पीकर की स्वेच्छानुदान राशि खर्च करने के लिये मांग ली है। उन्होंने इसके लिये संसदीय कार्य विभाग और वित्त विभाग को स्वीकृति देने का आग्रह किया है। वित्त विभाग ने फिलहाल इस पर कोई सहमति नहीं दी है। मामला मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के पास भी पहुंचा है तथा केबिनेट की स्वीकृति होने पर यह काम हो सकेगा।
उल्लेखनीय है कि वर्तमान विधानसभा के गठन के बाद हिना कावरे को 10 जनवरी 2019 को डिप्टी स्पीकर नियुक्त किया गया था जिन्होंने 24 मार्च 2020 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद से अब तक डिप्टी स्पीकर नियुक्त ही नहीं किया गया है। पिछली कमलनाथ सरकार ने 16 मार्च 2020 को संसदीय कार्य विभाग के माध्यम से एक्जीक्युटिव आदेश जारी करवा कर स्पीकर के लिये ढाई करोड़, डिप्टी स्पीकर एवं नेता प्रतिपक्ष के लिये स्वेच्छानुदान राशि एक-एक करोड़ रुपये सालाना करा ली थी जिसे 23 मार्च 2020 को बने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अब तक निरन्तर रखा है।
स्पीकर गिरीश गौतम तो अपनी स्वेच्छानुदान राशि ढाई करोड़ रुपये सालाना का उपयोग कर रहे हैं परन्तु डिप्टी स्पीकर की स्वेच्छानुदान राशि का उपयोग नहीं हो पा रहा है क्योंकि इस पद पर किसी की नियुक्ति नहीं की गई है। पिछले साल भी डिप्टी स्पीकर की स्वेच्छानुदान राशि लैप्स हो गई थी लेकिन इस वित्तीय वर्ष में यह राशि लैप्स न हो इसके लिये स्पीकर गिरीश गौतम ने यह राशि उन्हें दिये जाने की मांग कर दी है।
वर्तमान वित्तीय वर्ष के खत्म होने में सिर्फ डेढ़ माह रह गये हैं, इसलिये स्पीकर डिप्टी स्पीकर की राशि भी खर्च करना चाह रहे हैं।
उन्होंने मांग रखी है कि या तो डिप्टी स्पीकर की राशि उन्हें व्यय करने दी जाये या फिर उन्हें दी जाने वाली स्वेच्छानुदान राशि को ढाई करोड़ रुपये से बढ़ाकर साढ़े तीन करोड़ रुपये कर दी जाये। मामला वित्त विभाग के पास स्वीकृति के लिये गया है लेकिन वित्त विभाग ने इस पर कोई निर्णय नहीं लिया है। संसदीय कार्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि स्पीकर ने डिप्टी स्पीकर की स्वेच्छानुदान राशि मांगने संबंधी पत्र लिखा है। वित्त विभाग से सहमति मिलने पर संशोधित आदेश जारी कर दिया जायेगा।