भारतीय क्रिकेट टीम के सदस्य रहे 6 खिलाड़ी इस वक्त मुश्किल में हैं। हजारों की भीड़ से निकलकर टीम इंडिया में जगह बनाने के बावजूद अब यह मौका नहीं मिलने की स्थिति में सन्यास की राह पर बढ़ सकते हैं। हालांकि मुश्किल यह है कि कठिन प्रतिस्पर्धा के दौर में जब भी किसी खिलाडी का फार्म बिगड़ता है तो कई अन्य खिलाड़ी उसकी जगह लेने के तत्पर मिलते हैं। ये छह प्लेयर्स अपने करियर के उसी दौर से गुजर रहे हैं। किसी की उम्र बढ़ गई, कोई पहले की तरह धारदार नहीं रहा तो किसी को युवा प्लेयर्स से टक्कर मिल रही है। यह सभी खिलाड़ी एक वक्त सुपरस्टार थे, लेकिन अब कभी भी संन्यास ले सकते हैं।

ईशांत शर्मा (35)

महज 19 साल की उम्र में भारतीय टीम के लिए डेब्यू करने वाले इशांत शर्मा 2 सितंबर को 35 साल के हो जाएंगे। चयनकर्ता उन्हें भी उमेश की तरह सिर्फ टेस्ट मैच ही खिलाते थे और अब उन्हें उस टीम से भी बाहर कर दिया गया है। वेस्टइंडीज दौरे पर उन्हें टीम इंडिया में जगह नहीं मिली। शायद यही वजह है कि वो इस दौरे पर मजबूरन कमेंट्री करते नजर आ रहे हैं। दिल्ली के इस लड़के ने अपना आखिरी टी20I 2013 में और आखिरी वनडे 2016 में खेला था, अपना आखिरी टेस्ट मैच दो साल पहले 2021 में न्यूजीलैंड के खिलाफ कानपुर में खेला था। अब शायद चयनकर्ता इससे आगे सोचना शुरू कर रहे हैं।

दिनेश कार्तिक (38 वर्ष)

साल 2007 में खेले गए वनडे वर्ल्ड कप में भारतीय टीम का हिस्सा रहे दिनेश कार्तिक ने एमएस धोनी से पहले डेब्यू किया था। 2004 में ऐतिहासिक लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ वनडे डेब्यू करने वाले कार्तिक 2019 विश्व कप के बाद टीम से बाहर थे, लेकिन आईपीएल 2022 में शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें उसी साल टी20 विश्व कप भी खिलाया गया। लेकिन अब शायद चयनकर्ताओं ने उन्हें आखिरी मौका दिया है। इस भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज ने 26 टेस्ट, 94 वनडे और 60 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में दमखम दिखाया है।

भुवनेश्‍वर कुमार (33 वर्ष)

एक समय तीनों फॉर्मेट में टीम इंडिया के स्ट्राइक बॉलर रहे भुवनेश्वर कुमार का करियर भी अपने आखिरी दौर से गुजर रहा है। संभव है कि वह अपने साथी क्रिकेटरों की तरह संन्यास ले लें और विदेशी टी20 लीग खेलना शुरू कर दें। 33 वर्षीय भुवी ने आखिरी बार 22 नवंबर 2022 को न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 मैच में भारत की नीली जर्सी पहनी थी। बीसीसीआई ने तब से उन्हें सफेद गेंद प्रारूप से दूर रखा है। उन्हें वेस्टइंडीज दौरे पर भी शामिल नहीं किया गया था, ऐसे में उनका इस साल वनडे वर्ल्ड कप खेलना मुश्किल लग रहा है। 2012 में पदार्पण करने वाले मेरठ के इस खिलाड़ी ने 21 टेस्ट, 121 वनडे और 87 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में क्रमशः 63, 141 और 90 विकेट लिए हैं।

उमेश यादव (36 वर्ष)

विदर्भ एक्सप्रेस के नाम से मशहूर उमेश यादव उस समय अपने करियर के चरम फॉर्म में थे जब वह 150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से स्टंप उखाड़ रहे थे। 75 वनडे और सिर्फ नौ टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने के बाद, उमेश केवल टेस्ट गेंदबाज बन गए। उमेश पिछले 11 साल से सिर्फ टेस्ट क्रिकेट ही खेल रहे हैं और अब उन्हें उस टीम से भी बाहर कर दिया गया है। बढ़ती उम्र के साथ फिटनेस की समस्या भी तेज गेंदबाज के करियर में बाधा बनती जा रही है। 57 टेस्ट में 170 विकेट लेने वाले यादव टीम इंडिया से सम्मानजनक विदाई चाहते हैं।

शिखर धवन (38)

कभी अपनी तूफानी बल्लेबाजी से विपक्षी टीम को दंग करने वाला गब्बर का बल्ला अब शांत हो गया है। धवन, जिन्हें पहले ही टेस्ट और टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम से बाहर कर दिया गया है, को शुबमन गिल, रुतुराज गायकवाड़ और इशान किशन जैसे युवा सलामी बल्लेबाजों के खिलाफ विकल्प नहीं मिल रहा है। सिर्फ वनडे फॉर्मेट खेलने वाले शिखर ने रोहित शर्मा के साथ ओपनिंग करते हुए कई रिकॉर्ड बनाए हैं। 2010 में वनडे डेब्यू करने वाले धवन का इस साल वर्ल्ड कप में खेलना मुश्किल है। शायद उन्होंने भी इस सच्चाई को स्वीकार कर लिया है।

केदार जाधव (38 वर्ष)

केदार जाधव ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत साल 2014 में श्रीलंका के खिलाफ वनडे मैच से की थी। अगले ही साल उन्हें जिम्बाब्वे के खिलाफ 2015 टी20 इंटरनेशनल में खेलने का मौका मिला। केदार जाधव 2020 के बाद से नीली जर्सी में नजर नहीं आए हैं। उन्होंने अपने छोटे से करियर में भारत के लिए 73 वनडे और नौ टी20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं। उन्होंने आईपीएल में कमेंट्री करना भी शुरू कर दिया था, लेकिन इस साल आरसीबी ने अचानक उन्हें टीम से बाहर कर दिया जब डेविड विली घायल हो गए और टूर्नामेंट के बीच सीज़न से बाहर हो गए।