ऑस्ट्रेलिया वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियन बन गया है । कई टीमों के लिए चैम्पियन बनना अंतिम पड़ाव होता, लेकिन ऑस्ट्रेलिया के लिए नहीं, टेस्ट चैम्पियनशिप फाइनल कंगारू टीम के लिए लंबे इंग्लिश समर की शुरुआत है। अब 46 दिन लंबी जंग में इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया एशेज के लिए भिड़ेंगे । इंग्लैंड के लिए रवाना होने से पहले ऑस्ट्रेलिया के सामने कई सवाल थे। इनमें से कुछ का जवाब उन्हें फाइनल के जरिए मिल गया। मसलन स्मिथ ने फॉर्म हासिल कर ली।

फाइनल के शतकवीर ट्रेविस हेड पिछली बार की तरह इस बार भी रनों का अंबार लगाने के लिए तैयार दिख रहे हैं। स्कॉट बोलैंड के रूप में टीम को तीसरा पेसर मिल गया। दूसरी ओर, इंग्लैंड बैजबॉल तकनीक के साथ पूरी तरह तैयार है। वही बैजबॉल, जिसकी मदद से इंग्लैंड ने पिछले 12 में से 10 टेस्ट 1 मैक्कुलम के कोच व स्टोक्स के कप्तान बनने के बाद इंग्लैंड ने इसे अपनाया और उनका गेम पूरी तरह से बदल गया। ऑस्ट्रेलिया के चौथी एशेज रिटेन करने में बैजबॉल बड़ी बाधा बन सकती है।

हेजलवुड के अनफिट होने का फायदा बोलैंड को मिला। फाइनल में उन्होंने कोहली और जडेजा को 3 गेंद के अंदर आउट कर मैच का रुख पलट दिया। हेजलवुड के फिट होने के बाद कप्तान कि के सामने तीसरे बॉलर के रूप में बोलैंडव हेजलवुड के बीच में एक को लेने की चुनौती होगी। फाइनल में स्टार्क की गेंदबाजी में रिदम की कमी नजर आई।

हेड ने सबसे बड़ी पारी खेली थी, स्मिथ की उम्दा फॉर्म

ऑस्ट्रेलिया के हेड 2021 एशेज में टॉप स्कोरर थे। उन्होंने फाइनल में 163 रन बनाए और प्लेयर ऑफ द मैच रहे थे। एशेज से पहले फॉर्म हासिल करने से आत्मविश्वास बड़ा होगा। स्मिथ एशेज 2021 में केवल 30 की औसत से 244 रन बना पाए थे। एक भी शतक नहीं बनाया था। इसलिए एशेज 2019 में 700+ रन बनाने वाले स्मिथ पर सवाल थे कि क्या वे इस बार इंग्लैंड में रनों का अंबार खड़ा कर पाएंगे। इसका जवाब उन्होंने भारत के खिलाफ पहली पारी में शतक लगाकर दे दिया है। पिछले साल इंग्लैंड ने बैजबॉल तकनीक अपनाई। 2022 में इंग्लैंड की टेस्ट में रन रेट 4. 13 थी, जो किसी भी देश से ज्यादा थी। बल्लेबाजी के अलावा गेंदबाजों को भी फायदा हुआ था। इंग्लैंड ने 13 में से 12 टेस्ट में विरोधी के सभी 20 विकेट झटके थे।

40 की उम्र में भी एंडरसन सफल क्योंकि 20 साल से एक ही रूटीन

अगले महीने 41 साल के होने वाले तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन 20 साल से एक ही रूटीन दोहरा रहे हैं। वो 18 मीटर की दूरी से भागते हुए बॉलिंग तक 16 किमी की रफ्तार से पहुंचते हैं। क्रीज से थोड़ा पहले वे जम्प लेते हैं, अपने ऊपरी शरीर को दाएं हाथ की ओर मोड़ते हैं और फिर हाथ से 140 + की रफ्तार से गेंदबाजी करते हैं। करियर में ये एक्शन 38,293 बार दोहराया है।

साथ ही, सिर्फ अपने एक्शन में उन्होंने 700 किलोमीटर का फासला तय किया है। वे टेस्ट में तीसरे सबसे ज्यादा विकेट (685) लेने वाले गेंदबाज भी बने। 41 साल के होने वाले तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन 20 साल से एक ही रूटीन दोहरा रहे हैं। एंडरसन के एक्शन से छेड़छाड़ की कोशिश की गई, ताकि वे 150+ रफ्तार से गेंद फेंक पाएं, ऐसा नहीं हुआ।