वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टेस्ट की पहली पारी में 5 विकेट लेने वाले रविचंद्रन अश्विन ने कहा, डब्ल्यूटीसी फाइनल हारने के बाद वेस्टइंडीज दौरे पर इंटरनेशनल क्रिकेट, आईपीएल और घरेलू क्रिकेट इतना सारा हो गया है कि समझ नहीं आता क्या करना है। ऐसे में प्रेजेंट में रहना बहुत जरूरी है। डब्ल्यूटीसी फाइनल हम हार गए, बहुत खराब लगा। हमने 2 बार फाइनल खेला, दोनों ही बार जीत नहीं सके, उसका मुझे और भी ज्यादा बुरा लगा। नई शुरुआत हमें वेस्टइंडीज दौरे से करनी थी। मेरे लिए बहुत अहम था कि हम इस सीरीज में अच्छा परफॉर्म करें। फाइनल में प्लेइंग 11 का हिस्सा नहीं बनने पर एक क्रिकेटर के रूप में फाइनल नहीं खेल पाने का गम रहता है। लेकिन एक युवा और अनुभवी खिलाड़ी में यही अंतर है।

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अश्विन ने कहा मेरे लिए सबसे अहम यही था कि टीम चैम्पियनशिप जीते। मैंने ऑस्ट्रेलियन बैटर्स के खिलाफ हर तरह की प्लानिंग की, उन्हें कैसे आउट करना है और कैसे रन बनाने से रोकना है। इसके साथ ही मैंने प्लान किया था कि अगर मैं नहीं खेला तो मेरा मोटिव क्या होगा। मोटिव क्लीयर था, टीम की जीत सबसे ज्यादा जरूरी है। करियर के खराब दौर पर हर क्रिकेटर के जीवन में हाई से पहले लो-पॉइंट्स आते ही हैं।

जब जीवन में खराब दौर होता है, तब आपके पास 2 चॉइस होते हैं, या तो सीख के आगे बढ़ो या वहीं फंस के रह जाओ। मैं उनसे सीख कर आगे बढ़ा। जीवन में कभी भी ऐसी सिचुएशन आती है तो अपनी फैमिली से बात करता हूं और सोने से पहले सबकुछ भुला देता हूँ। पहले टेस्ट की पिच पर फर्स्ट सेशन के दौरान पिच में नमी था, स्पीड मिल रही थी। पवेलियन एंड से थोड़ा एक्स्ट्रा बाउंस भी मिला। हमने उस (फर्स्ट) सेशन का अच्छा इस्तेमाल किया।