एशेज सीरीज में 1-0 से पिछड़ रही इंग्लिश टीम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपनी वापसी के लिए तेज पिच बनवा रही है। बेन स्टोक्स की कप्तानी वाली इंग्लिश टीम दूसरे मुकाबले को जीतकर 5 मुकाबलों की सीरीज में वापसी करने को बेकरार है।

ऑस्ट्रेलियाई ने पहला टेस्ट 2 विकेट से जीता था। मेरिलबोन क्रिकेट कमेटी (एमसीसी) के असिस्टेंट सेक्रेटरी जेमी कोक्स ने बताया है कि वे लॉर्ड्स पिच को पेस के लिए तैयार कर रहे हैं। कोक्स कहते हैं कि सर्दियों के दौरान लॉर्ड्स की पिच को रिनोवेट किया गया था।

रिनोवेशन के दौरान लॉईस की पिच की ऊपरी 10 मिलीमीटर की मिट्टी को हटाया गया और ऊपर नई घास की लेयर बिछाई गई। इससे पिच में स्पीड बढ़ी। कोक्स बताते हैं कि इंग्लैंड ने आयरलैंड के खिलाफ जैसी पिच का इस्तेमाल किया था, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भी उस तरह की ही पिच का इस्तेमाल होगा।

एंडरसन ने कहा था- यदि पिच इतनी स्लो होगी, तो मेरे लिए एशेज खत्म

पहले टेस्ट में एजबेस्टन की पिच कम उछाल और कम पेस वाली थी। वहीं, लॉर्ड्स की पिच को ज्यादा पेस के लिए तैयार किया जा रहा है। पहले मैच में पिंच को लेकर न सिर्फ क्रिकेट एक्सपर्ट्स ने सवाल उठाए, बल्कि इंग्लिश गेंदबाज भी खुद को रोक नहीं पाए थे। इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन ने मैच खत्म होने के बाद कहा था कि अगर एशेज में सारी पिच इस तरह से स्लो होंगी, तो मेरे लिए एशेज सीरीज अब खत्म हो चुकी है। स्टुअर्ट ब्रॉड ने भी पिच की आलोचना की थी। इसलिए लॉईस की पिच को बेहतर बनाया जा रहा है। लॉर्डस के ग्राउंड्समैन कार्ल मैक्डरमॉट को पिच तैयार करनी है।

बैजबॉल ने इंग्लैंड की जिस कमी को छिपा लिया था, वह ऑस्ट्रेलिया के सामने पहले ही मैच में उजागर हो गई कि इंग्लिश गेंदबाज पुरानी गेंद के साथ फ्लैट पिच पर असफल हो जाते हैं। ऐसी पिच पर विकेट लेने के लिए न तो इंग्लैंड के पास कोई 145+ की रफ्तार वाला पेसर है न ही कोई कॉलिटी स्पिनर है। ऐसे में इंग्लैंड ने अपनी टेस्ट टीम में रेहान अहमद को शामिल किया।

पहले मैच में मोइन अली खास नहीं कर पाए। उनकी बॉलिंग फिंगर में चोट और लग गई जिससे वे शायद ही अगला मुकाबला खेल सके, हालांकि मोइन प्रैक्टिस करते देखे गए हैं। इंग्लैंड के लिए चार पेस गेंदबाज के साथ खेलना एक मजबूरी बन जाता है। साथ ही, उन्हें अगले टेस्ट में किसी एक्सप्रेस तेज गेंदबाज को टीम में शामिल करना होगा। इस मसले में पूर्व खिलाड़ी माइकल नासेर ने सलाह दी कि इंग्लैंड को बेन स्टोक्स समेत पांच पेसर के साथ उतरना चाहिए।