कतर में चल रहे फीफा वर्ल्ड कप के दूसरे क्वार्टर फाइनल में शुक्रवार रात लियोनल मेसी की अगुआई वाली अर्जेंटीना ने नीदरलैंड को शिकस्त देकर सेमीफाइनल में जगह बना ली। दोनों टीमों ने तय वक्त में 2-2 गोल किए थे, ऐसे में मुकाबला एक्स्ट्रा टाइम में पहुंचा। अतिरिक्त समय में कोई गोल न होने से मैच का फैसला पेनल्टी शूटआउट से हुआ, जहां अर्जेंटीना ने 4-3 से बाजी अपने नाम कर ली।
अर्जेंटीना की जीत में लियोनेल मेसी की अहम भूमिका रही, जिन्होंने न केवल फुल टाइम में बल्कि पेनल्टी शूटआउट में भी टीम के लिए गोल दागा। मैच में एक ऐसी घटना भी हुई जिस पर नीदरलैंड के मैनेजर ने सख्त नाराजगी जताई। सोशल मीडिया पर भी मेसी से जुड़ी इस घटना पर बवाल मचा हुआ है। अर्जेंटीना-नीदरलैंड मैच के दूसरे हाफ के 55वें मिनट में फुटबॉल लियोनेल मेसी के हाथ से लग गई। हालांकि मैच रेफरी ने जानबूझकर ऐसा न करने की वजह से मेसी को येलो कार्ड नहीं दिया। इस वक्त अर्जेंटीना मुकाबले में 1-0 से आगे था।
अर्जेंटीना के कप्तान को कार्ड न दिखाए जाने से नीदरलैंड के मैनेजर लुई वान गाल नाराज दिखे। लुई वान मैच के पहले हाफ में मेसी को पेनल्टी दिए जाने से भी गुस्सा थे। मैच के बाद उन्होंने कहा कि मैं पेनल्टी कॉल वापस देखना चाहता हूं।अर्जेंटीना- नीदरलैंड मैच के 'हैंड ऑफ गॉड' मोमेंट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
कछ यूजर्स ने अर्जेंटीना के पक्ष में फैसला देने के लिए मैच रेफरी को ट्रोल किया। एक यूजर ने कहा, मैं समझ गया, यह मेसी का आखिरी वर्ल्ड कप है, लेकिन उनके साथ समान व्यवहार करने की जरूरत है, यह रेफरी एकतरफा लगता है। एक अन्य यूजर ने लिखा, मेसी ने जानबूझकर हाथ से गेंद रोकी। उन्हें येलो कार्ड नहीं दिया, यह गलत है।
एक यूजर ने तो यहां तक कहा कि मैच अर्जेंटीना ने खेलकर नहीं जीता, बल्कि रेफरी ने उसे सेमीफाइनल गिफ्ट किया है। कुछ यूजर्स इसकी तुलना अर्जेंटीना के महान फुटबॉलर डिएगो माराडोना के 'हैंड ऑफ गॉड' गोल से भी कर रहे हैं।