फुटबॉल विश्व कप के दूसरे सेमीफाइनल में गत चैंपियन फ्रांस ने मोरक्को को 2-0 से हरा दिया। इस जीत के साथ ही  फ्रांस ने लगातार दूसरी बार फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। अब रविवार को फाइनल में फ्रांस का मुकाबला अर्जेंटीना से होगा। वहीं दो संयोग ऐसे बन पड़े हैं जिनके आधार पर यह कयास लगाए जाने लगे हैं कि अब अर्जेंटीना का वर्ल्ड कप जीतना तय हो गया है। 

पहला संयोग पेनाल्टी से जुड़ा है। दरअसल अर्जेंटीना को अपने ग्रुप सी के आखिरी मुकाबले में पोलैंड के खिलाफ पेनाल्टी का एक मौका मिला था लेकिन लियोनल मेसी को इस मौके को भूना नहीं पाए थे। हालांकि अर्जेंटीना ने यह मैच पोलैंड से 2-0 से जीता था। 

मेसी की यही  चूक अब जीत का संयोग मानी जा रही है। इससे पहले अर्जेंटीना के ही दो स्टार प्लेयर मारियो कैम्पस (1978) और डिएगो माराडोना (1986) में पेनाल्टी पर गोल करने से चूक गए थे पर इन दोनों ही सालों में अर्जेंटीना की टीम वर्ल्ड कप चैंपियन बनी थी। 

मेसी के वर्ल्ड कप जीतने का दूसरा संयोग उनके क्लब पीएसजी से जुड़ा हुआ है। दरअसल, साल 2001 में ब्राजील के दिग्गज प्लेयर रोनाल्डिहो इस क्लब से जुड़े थे। क्लब से जुड़ने के एक साल के बाद यानि साल 2002 में ब्राजील वर्ल्ड कप जीतने में कामयाब हुआ था।  रोनाल्डिहो के बाद काइलिन म्बापे साल 2017 में पीएसजी क्लब से जुड़े थे और फिर साल 2018 में फ्रांस ने वर्ल्ड कप अपने नाम किया था। इन संयोग के आधार पर लियोनल मेसी की अर्जेंटीना का इस बार भी चैंपियन बनना तय लग रहा है। 

हालांकि इन संयोग से परे रविवार को मुकाबला टक्कर का रहने वाला है। फ्रांस विश्व कप इतिहास में चौथी बार फाइनल में पहुंचा है। वह 1998 और 2018 में चैंपियन बना था। वहीं, 2006 में उसे इटली के खिलाफ हार मिली थी।

सेमीफाइनल में फ्रांस ने पांचवें मिनट में ही बढ़त हासिल कर ली थी। थियो हर्नांडेज ने टीम के लिए पहला गोल किया। हर्नांडेज ने मोरक्को के गोलकीपर बुनौ को नजदीक से छकाते हुए गोल दाग दिया। 79वें मिनट में टीम की बढ़त दोगुनी हो गई। उसके लिए रैंडल कोलो मुआनी ने टीम के लिए दूसरा गोल किया। वह सब्सीट्यूट के तौर पर उतरे थे। उन्होंने उतरने के 44 सेकंड बाद ही गेंद को गोलपोस्ट में डाल दिया।