द ऐशेज के साथ वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप की शुरुआत हो चुकी है | भारत अपने अभियान की शुरुआत 12 जुलाई को वेस्टइंडीज दौरे पर रोसो टेस्ट के साथ करेगा। चैंपियनशिप के पिछले दो एडीशन में भारतीय टीम ने फाइनल तक का सफर तय किया है। अब सवाल यह है कि क्या भारतीय टीम इस सीजन के फाइनल में पहुंच पाएगी या नहीं। यदि भारतीय टीम मौजूदा सीजन के फाइनल में पहुंच जाती है, तो डब्ल्यूटीसी के फाइनल की हैट्रिक बना लेगी।

वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के मौजूदा सीजन में भारत का होम शेड्यूल आसान है, जबकि अवे शेड्यूल कठिन है। टीम इंडिया की वेस्टइंडीज, साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज घर से बाहर होंगी, जबकि न्यूजीलैंड, इंग्लैंड और बांग्लादेश के साथ मुकाबले घर में खेलने होंगे। वेस्टइंडीज, ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका के मैदानों पर भारतीय टीम के प्रदर्शन पर नजर डालें तो हम पाते हैं कि टीम इंडिया की सीरीज जीत का 100 फीसदी रहा है, लेकिन साउथ अफ्रीका दौरे पर भारतीय टीम अब तक एक भी सीरीज नहीं जीत सकी है। ऐसे में अफ्रीका का दौरा भारत के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत पिछली दो सीरीज में एक भी मैच नहीं हारा है, टीम ने 6 मुकाबलों में 4 जीते हैं, जबकि 2 ड्रॉ रहे हैं। साथ ऑस्ट्रेलियाई सरजमी पर टीम इंडिया ने पिछली दो अवे सीरीज में 8 टेस्ट खेले हैं। इनमें से टीम को 2 में पराजय मिली है, जबकि चार जीते हैं।

टीम इंडिया रच सकती है...

मौजूदा सीरीज में रोहित शर्मा की कप्तानी वाली भारतीय टीम के पास वे कीर्तिमान स्थापित करने का मौका होगा, जो टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में भारतीय टीम कभी नहीं कर सकी है। ऑस्ट्रेलिया में सीरीज जीतने की हैट्रिक भारतीय टीम के पास ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उसी के घरेलू मैदान पर सीरीज जीतने की हैट्रिक बनाने का मौका होगा, क्योंकि टीम इंडिया ने 2018 और 2021 में कंगारू सरजमीं पर 2-1, 2-1 के अंतर से सीरीज जीती हैं। ऐसे में अगली टेस्ट सीरीज को जीतते हुए भारत ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उसी के घर में लगातार तीन सीरीज जीतने का इतिहास बना सकती है।

साउथ अफ्रीका में पहली बार कोई सीरीज जीतने का मौका भारतीय टीम अपने टेस्ट क्रिकेट के 91 साल के इतिहास में साउथ अफ्रीका से अफ्रीकी मैदानों पर टेस्ट सीरीज नहीं जीत सकी है। ऐसे में इस साल टीम इंडिया के पास यह इतिहास रचाने का मौका है, क्योंकि पिछली दो सीरीज में टीम इंडिया के हार का अंतर मामूली रहा है। टेस्ट क्रिकेट में पहली बार हार से ज्यादा जीत इस साइकल में भारत के बाद कुल टेस्ट मुकाबलों में हार से ज्यादा जीत दर्ज करने का मौका है। अब तक के टेस्ट इतिहास में भारत ने कुल 570 टेस्ट खेले हैं। इनमें से 172 जीते और 176 गंवाए हैं। इस सीजन में टीम इंडिया इस आंकड़े को उलट सकती है। यानी कि जीत का आंकड़ा हार से ज्यादा हो सकता है। अब तक ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, साउथ अफ्रीका और पाकिस्तान ही ऐसा कर सके हैं। ऐसा करने की स्थिति में भारत इस सूची में जुड़ जाएगा।