इंदौर के होलकर स्टेडियम में खेले गए बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के तीसरे टेस्ट के तीसरे दिन टीम इंडिया को करारी हार का सामना करना पड़ा। ऑस्ट्रेलिया ने जीत के लिए जरूरी 76 रनों का लक्ष्य पहले सत्र में ही एक विकेट खोकर हासिल कर लिया।
इस जीत के साथ ही ऑस्ट्रेलिया ने 6 साल बाद भारतीय सरजमीं पर जीत का स्वाद चखा। वहीं इस जीत के बाद मेहमान टीम ने विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फ़ाइनल में भी अपना स्थान पक्का कर लिया।
इस जीत के बाद ऑस्टेलियाई टीम चार टेस्ट की बार्डर गार्वस्कर ट्रॉफी के मुकाबले में भी बनी हुई है। भारतीय टीम अब सीरीज में 2-1 से आगे है। अगर ऑस्टेलियाई टीम इस मुकाबले को हार जाती तो टीम इंडिया सीरीज में निर्णायक बढ़त ले लेती लेकिन कंगारूओं ने इस जीत के साथ अपनी उम्मीदों को भी सीरीज़ में जिंदा बनाए रखा है।
अगर मुकाबले की बात की जाये तो तीसरे दिन लक्ष्य का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत ख़राब रही थी और पहला विकेट उस समय गिरा जब टीम का खाता भी नहीं खुला था लेकिन उसके बाद ट्रेविस हैड और मार्नेस लबुशेन ने टीम को कोई और नुक़सान नहीं होने दिया और जीत का लक्ष्य हासिल कर लिया। टीम इंडिया को एकमात्र सफलता उस्मान ख्वाजा के रूप में आर अश्विन ने दिलायी।
इससे पहले टेस्ट के दूसरे दिन टीम इंडिया के दिग्गज बल्लेबाज़ों ने फिर लुटिया डूबा दी और जिससे टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया को तीसरे दिन जीत के लिए 76 रनों का टारगेट ही दे पाई। पहली पारी में 109 रनों पर सिमटने वाली भारतीय टीम दूसरी पारी में भी बल्लेबाजों के लचर प्रदर्शन के कारण केवल 163 रन ही बना सकी। केवल चेतेश्वर पुजारा ही 59 रनों की पारी खेलने में क़ामयाब हुए।
ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 197 रन बनाये थे और उसे 88 रनों की महत्वपूर्ण बढ़त हासिल हुई थी। ऑस्ट्रेलिया के लिए टेस्ट में ऑफ स्पिनर नटन लियोन ने पहली पारी में टीम और दूसरी पारी में आठ विकेट लेकर टीम इंडिया का अरमानों पर पानी फेर दिया था। ऑस्ट्रेलिया के लिए पहली पारी में जहाँ उस्मान ख्वाजा (60) ने जुझारू पारी खेली थी वही दूसरी पारी में ट्रेविस हेड ने नाबाद 49 रन बनाये।