वनडे वर्ल्ड कप 5 अक्टूबर से शुरू हो रहा है। टूर्नामेंट 46 दिनों तक चलेगा और कुल 48 मैच होंगे। वैसे तो वर्ल्ड कप का हर मैच अहम होता है लेकिन 48 में से 4 मैच ऐसे होने वाले हैं जिसमें हारना किसी को मंजूर नहीं । ये मुकाबले महज क्रिकेट मैच नहीं रह जाते । ये जोश, जज्बात, सम्मान का प्रतीक बन जाते हैं। ये 4 मैच टूर्नामेंट की 4 सबसे बड़ी राइवरी को रिप्रजेंट करते हैं।
भारत-पाक महाभिड़ंत 14 को
इस वर्ल्ड कप में भारत-पाक मैच 14 अक्टूबर को होगा। तीनों फॉर्मेट यानी वनडे, टेस्ट और टी-20 को मिलाकर दोनों टीमों के बीच 205 मैच हो चुके हैं। इनमें से भारत ने 73 और पाकिस्तान ने 88 मैचों में जीत हासिल की है। एक मुकाबला टाई रहा और बाकी या तो ड्रॉ रहे या बेनतीजा रहे। जाहिर है ओवरऑल आंकड़ों में पाकिस्तान आगे है। लेकिन, वर्ल्ड कप की भिड़ंत में भारत पूरी तरह से हावी है।
वनडे वर्ल्ड कप में भारत-पाक की सात भिड़ंत हुई और सातों भारत ने जीते। टी-20 वर्ल्ड कप में भी सात मुकाबले हुए। इनमें भारत ने 6 जीते और पाकिस्तान सिर्फ एक जीत सका है। बेंगलुरु में भारत-पाकिस्तान के बीच 1996 वर्ल्ड कप का क्वार्टर फाइनल हुआ। भारत ने पहले बैटिंग विकेट पर 287 रन बनाए। ओपनर नवजोत सिंह सिद्धू ने 93 और अजय जडेजा ने 25 बॉल पर 45 रन बनाए। जडेजा ने खतरनाक वकार यूनुस के एक ओवर में 22 रन भी लगाए। 288 रन के जवाब में पाकिस्तान ने 10 ओवर में बगैर नुकसान के 84 रन बना दिए 15 वें ओवर में कप्तान आमिर सोहेल ने पेसर वेंकटेश प्रसाद की बॉल पर 2 चौके लगाए।
मुंबई का स्टेडियम चेज करने के लिए ही मशहूर
वानखेड़े स्टेडियम में पिछले 10 साल में 4 डे- नाइट वनडे खेले गए। 3 बार चेजिंग टीम और केवल एक बार पहले बैटिंग करने वाली टीम को जीत मिली। यानी ओस यहां भी मुश्किलें पैदा करेगी। पहले बैटिंग में एकमात्र मैच को भी जीतने के लिए साउथ अफ्रीका को 438 रन का स्कोर खड़ा करना पड़ा था। वानखेड़े में स्पिनर्स के लिए कुछ खास नहीं बचता, 2013 से यहां 78त्न विकेट पेसर्स को ही मिले हैं। ईडन गार्डन्स स्टेडियम में 2013 से 5 वनडे खेले गए। 4 बार पहले बैटिंग और एक बार चेंज करने वाली टीमों को फायदा मिला। लेकिन पिछले 2 सालों में आईपीएल के दौरान यहां 60 फीसदी मैच चेज करने वाली टीमों ने ही जीते। एम चिन्नास्वामी स्टेडियम की पिच बैटिंग को मददगार होने के लिए ही फेमस है। यहां रोहित शर्मा ने 2013 के दौरान वनडे में अपना पहला दोहरा शतक लगाया था। पिछले 10 साल में यहां 3 ही वनडे हुए, 2 बार पहले बैटिंग और एक बार चेज करने वाली टीम ने मैच जीता।
ओस से रन चेज होगा आसान
वनडे वर्ल्ड कप इस बार भारत में होने जा रहा है। आम तौर पर भारत की पिचें स्पिनर्स के लिए मुफीद होती हैं। हालांकि, डे-नाइट मैचों के दौरान ओस ज्यादा गिरने पर स्थिति बदल जाती है। फिर स्पिनर्स बेअसर हो जाते हैं मुश्किलें फास्ट बॉलर को भी आने लगती हैं। इससे टारगेट का पीछा करने वाली टीम की स्थिति बेहतर हो जाती है। इन महीनों में भारत के ज्यादातर शहरों में ओस गिरती है। इससे आशंका है कि यह वर्लड कप टॉस जीतो, दरअसल, ओस गिरने से क्रिकेट की आउटफील्ड और पिच गीली हो जाती है। ऐसे में बैटर के शॉट खेलने पर गेंद घास में रोल होते हुए जाती है। इससे गेंद पर पानी लगता है और उस पर फिसलन बढ़ जाती है। गीली बॉल पर गेंदबाज ठीक से पकड़ नहीं बना पाता और गेंद हाथ से फिसलना शुरू कर देती है। रन स्कोरिंग आसान हो जाती है। ऐसे चेंज करने वाली टीम को फायदा होता है।