पृथ्वी शॉ ने रणजी ट्रॉफी के इतिहास में मुंबई के किसी खिलाड़ी का अब तक का सर्वोच्च स्कोर बनाया है। शॉ ने असम के खिलाफ मैच में तिहरा शतक जड़कर रणजी ट्रॉफी 2022-23 में एक नया मुकाम हासिल किया है। इस पारी के साथ ही पृथ्वी शॉ ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज़ के लिए दावा थोक दिया है।
शॉ ने असम के खिलाफ मैच में शानदार प्रदर्शन करते हुए 326 गेंदों पर तिहरा शतक जड़ा है। इतना ही नहीं, पृथ्वी के 377 रन पूरे करने के साथ ही वह रणजी ट्रॉफी के इतिहास में मुंबई के लिए सबसे ज्यादा पारियां खेलने वाले बल्लेबाज भी बन गए। इसके साथ, पृथ्वी शॉ रणजी ट्रॉफी में तिहरा शतक, विजय हजारे ट्रॉफी में दोहरा शतक और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में शतक लगाने वाले एकमात्र भारतीय खिलाड़ी बन गए।
पृथ्वी शॉ ने 1990-91 में संजय मांजरेकर के 377 रनों के रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। साथ ही रणजी ट्रॉफी के इतिहास में मुंबई के लिए सबसे ज्यादा पारियां खेलने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। वहीं, रणजी ट्रॉफी इतिहास में सबसे बड़ी पारी खेलने वाले बल्लेबाज बी.बी. निंबालकर हैं, जिन्होंने 1948-49 में महाराष्ट्र के लिए खेलते हुए सौराष्ट्र के खिलाफ नाबाद 443 रन बनाए थे।
पृथ्वी शॉ द्वारा बनाए गए 379 रन पहली श्रृंखला क्रिकेट में किसी भारतीय बल्लेबाज द्वारा बनाई गई दूसरी सबसे बड़ी पारी है। बी. बी. निंबालकर के नाम पहले क्वालास क्रिकेट में भारत के लिए खेली गई सबसे लंबी पारी का रिकॉर्ड है।
रणजी ट्रॉफी में सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर:
443* - बी.बी. निंबालकर, 1948-49
379 - पृथ्वी शो, 2022-23
377 - संजय मांजरेकर, 1990-91
366 - एमवी श्रीधर, 1993–94
359* - विजय मर्चेंट, 1943-44
पृथ्वी शॉ ने मैच में 379 रन की पारी खेली। उन्हें रियान पराग ने LBW आउट कर पवेलियन भेजा। इस तरह शॉ 21 रन से 400 रन बनाने से चूक गए। वहीं मुंबई के कप्तान रहाणे ने भी शतक जड़ा था। शॉ ने अपनी पारी में 49 चौके और 4 छक्के लगाए। शॉ ने 379 रन बनाने के लिए सिर्फ 3263 गेंदों का सामना किया। क्या शॉ की ये पारी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम में शामिल करा सकती है।