आइसीसी क्रिकेट विश्व कप में बांग्लादेश के खिलाफ श्रीलंका के बल्लेबाज एंजेलो मैथ्यूज को टाइम आउट देने के पर विवाद गहराता जा रहा है. सवाल उठ रहा है कि क्रिकेट में खेल भावना बड़ी है या नियम? इस मुद्दे पर क्रिकेट जगत भी बंटा हुआ नजर आ रहा है. कई पूर्व खिलाड़ियों का मानना है कि बांग्लादेश के कप्तान शाकिब अल हसन ने खेल भावना नहीं दिखाई. वहीं, कई दिग्गजों ने कहा कि नियमों के तहत मैथ्यूज आउट थे.
एमसीसी देता है 3 मिनट
एमसीसी के तहत, बल्लेबाज के आउट होने के बाद क्रीज पर आने वाले अगले बल्लेबाज को पहली गेंद तीन मिनट के अंदर खेल लेनी चाहिए. वहीं, आइसीसी का नियम बल्लेबाज को दो मिनट के अंदर पहली गेंद खेलने के लिए कहता है.
आइसीसी व एमसीसी के अलग-अलग हैं नियम
टाइम आउट पर आइसीसी और क्रिकेट के नियम बनाने वाली संस्था मेरिलबोर्न क्रिकेट क्लब के नियम अलग-अलग हैं. लेकिन विश्व कप आइसीसी के नियमों के तहत होता है.
‘मैं युद्ध क्षेत्र में था, मेरे लिए टीम की जीत जरूरी थी’
मैच के बाद बांग्लादेश के कप्तान शाकिब ने कहा, मैं युद्ध क्षेत्र में था और मेरे लिए जीत सबसे जरूरी थी. दरअसल, हमारा एक फील्डर मेरे पास आया और उसने कहा कि यदि हम अपील करें तो मैथ्यूज आउट हो जाएगा. मैं अंपायर के पास गया और उनसे अपील की. अंपायर ने पूछा कि क्या आप वाकई सीरियस हैं, या आप इस फैसले को वापस लेंगे. मैंने कहा कि नहीं, मैं फैसला वापस नहीं लूंगा. मैंने नियमों के तहत ही खेला हूं.
‘यह शाकिब और बांग्लादेश के लिए शर्मनाक’
श्रीलंकाई बल्लेबाज एंजेलो मैथ्यूज ने कहा, मैंने कुछ गलत नहीं किया था. मेरे पास तैयार होने के लिए दो मिनट का समय था लेकिन अचानक मेरे हेलमेट की स्ट्रिप टूट गई. इसमें मैं कुछ नहीं कर सकता था. टाइम आउट लेना कप्तान शाकिब और बांग्लादेश टीम के लिए शर्मनाक बात थी.