पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने इंटरनेट पर "फर्जी विज्ञापनों" में उनके नाम, फोटो और आवाज का इस्तेमाल किए जाने को लेकर मुंबई क्राइम ब्रांच में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। मुंबई पुलिस साइबर सेल द्वारा अज्ञात लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 426, 465 और 500 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
बिना इजाजत विज्ञापन में सचिन तेंदुलकर का नाम इस्तेमाल करने पर पुलिस ने दवा कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। सचिन ने अपनी शिकायत में कहा है कि उन्हें एक दवा कंपनी का एक ऑनलाइन विज्ञापन मिला, जिसमें दावा किया गया था कि सचिन तेंदुलकर उनके उत्पाद का प्रचार कर रहे हैं।
मुंबई पुलिस ने दिग्गज क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर की अनुमति के बिना फार्मास्युटिकल उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए उनके नाम, फोटो और आवाज का इस्तेमाल करने के लिए अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। एक पुलिस अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि तेंदुलकर के एक सहयोगी ने गुरुवार को पश्चिम क्षेत्र साइबर पुलिस थाने में इस संबंध में शिकायत दर्ज करायी है।
https://twitter.com/sachin_rt/status/1656965527678631937?s=20
शिकायतकर्ता ने कहा कि उसने एक दवा कंपनी का ऑनलाइन विज्ञापन देखा, जिसमें दावा किया गया था कि तेंदुलकर उसके उत्पाद का प्रचार कर रहे हैं। उन्हें एक वेबसाइट 'sachinhealth.in' के बारे में भी बताया गया, जो तेंदुलकर की तस्वीर का गलत इस्तेमाल कर इन उत्पादों का प्रचार कर रही थी। इसको लेकर सचिन तेंदुलकर की तरफ से भी बयान सामने आया है। उन्होंने ट्वीट कर सुरक्षित ऑनलाइन माहौल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने की बात कही।
कानूनी कार्रवाई करने का आदेश
शिकायत में कहा गया है कि तेंदुलकर ने कंपनी को कभी भी अपने नाम और तस्वीरों का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी थी और इससे उनकी छवि खराब हो रही थी, इसलिए उन्होंने अपने सहयोगी को कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया। अधिकारी ने कहा कि अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के अलावा भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी), 465 (जालसाजी) और 500 (मानहानि) के तहत FIR दर्ज की गई है। इस मामले में आगे की जांच जारी है.
सचिन तेंदुलकर ने क्या कहा?
इसको लेकर सचिन तेंदुलकर ने ट्वीट भी किया है। साथ ही अपनी मैनेजमेंट कंपनी की ओर से जारी एक बयान भी साझा किया। उन्होंने ट्वीट किया, ''विश्वसनीय उत्पादों तक पहुंच जरूरी है। समुदाय को सुरक्षित रखने के लिए प्लेटफॉर्म के रिपोर्टिंग और ब्लॉकिंग टूल का उपयोग करें। आइए एक सुरक्षित ऑनलाइन वातावरण बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।"