भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज शिखर धवन ने शादी के 11 साल बाद अपनी पत्नी आयशा मुखर्जी को तलाक ले लिया है. दिल्ली के पटियाला हाउस की एक फैमिली कोर्ट ने उनके तलाक को मंजूरी दे दी है. कोर्ट ने जिन प्रमुख आधारों पर अपना फैसला सुनाया उनमें कोर्ट ने माना कि पत्नी आयशा ने धवन को सालों तक अपने बेटे से अलग रहने के लिए मजबूर कर मानसिक पीड़ा पहुंचाई है. धवन ने अपनी याचिका में कहा था कि उनकी पत्नी आयशा उन्हें मानसिक प्रताड़ना दे रही हैं. कोर्ट ने इन आरोपों को सही पाया.

जिम्मेदार पिता के तौर पर बेटे के साथ समय बिताना धवन का अधिकार- कोर्ट

कोर्ट ने अभी तक धवन और आयशा के बेटे जोरावर की कस्टडी को लेकर कोई आदेश नहीं दिया है. हालांकि, कोर्ट ने धवन को अपने बेटे से मिलने और वीडियो कॉल पर बात करने का अधिकार दिया है. अदालत ने आयशा को यह भी आदेश दिया है कि वह जोरावर को अपने स्कूल की कम से कम आधी छुट्टियां धवन और उसके परिवार के सदस्यों के साथ बिताने की अनुमति दे. कोर्ट ने कहा कि एक नागरिक और जिम्मेदार पिता होने के नाते धवन को अपने बेटे से मिलने और उसके साथ समय बिताने का अधिकार है.

2012 में शादी हुई

शिखर धवन ने आयशा को सबसे पहले हरभजन सिंह की फेसबुक फ्रेंड लिस्ट में देखा था. शिखर को आयशा की फोटो देखते ही उनसे प्यार हो गया. इसके बाद धवन ने उन्हें फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी और उसके बाद दोनों रिलेशनशिप में थे. शिखर आयशा से 10 साल छोटे हैं. लंबे समय तक रिलेशनशिप में रहने के बाद दोनों ने साल 2012 में शादी कर ली. आयशा मुखर्जी की ये दूसरी शादी थी.