टीम इंडिया ने मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड को हराकर चौथी बार विश्व कप के फ़ाइनल में जगह बनाई है। अब तक विश्व कप के चार फाइनल में टीम इंडिया दो बार जीती है और एक बार उसे हार का सामना करना पड़ा है। अब इस बार अगर टीम इंडिया फाइनल जीत कर इतिहास रचती है तो खिताबी जीत में भी टीम इंडिया का स्कोर 2-2 हो जाएगा।
वनडे विश्व कप के फाइनल में टीम इंडिया का सफर कैसा रहा है आइए जानते हैं-
भारत पहली बार 1983 में वनडे विश्व कप के फाइनल में पहुंचा था। टीम इंडिया ने कपिल देव की कप्तानी में शानदार प्रदर्शन करते हुए पहली बार में ही इतिहास रचा था। इसके बाद भारतीय टीम 2003 में फाइनल में पहुंची थी। हालांकि उसे यहां ऑस्ट्रेलिया के हाथों 125 रनों से शिकस्त मिली थी।
इसके बाद टीम इंडिया 2011 के फाइनल में पहुंची और खिताब जीता। टीम इंडिया ने इस बार महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में श्रीलंका को हराया था। श्रीलंका ने पहले बैटिंग करते हुए 6 विकेट के नुकसान के साथ 274 रन बनाए थे। इसके जवाब में भारत ने 4 विकेट गंवाकर मैच जीत लिया था। टीम इंडिया के लिए गौतम गंभीर ने 97 रनों की अहम पारी खेली थी। महेंद्र सिंह धोनी 91 रन बना कर नाबाद रहे थे।
अब टीम इंडिया चौथी बार फिर से फाइनल में पहुंची है। 19 नवंबर को अहमदाबाद में ये मुकाबला खेला जाएगा। देखना यह है कि टीम इंडिया इस बार अब तक अपराजेय रहने का सिलसिला फाइनल में भी बरक़रार रख पाती है या नहीं?