श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे मालदीव भाग गए हैं। राजपक्षे ने बुधवार को श्रीलंका से मालदीव के लिए उड़ान भरी। राजपक्षे ने यह पहले ही साफ कर दिया था कि वह तब तक इस्तीफा नहीं देंगे जब तक कि उनके परिवार को देश से सुरक्षित बाहर नहीं निकाला जाता।

वहीं राजपक्षे के भाग जाने के खबर से आंदोलनकारी और भी आक्रोशित हो गए हैं। राजधानी कोलंबो की सड़कों पर प्रदर्शनकारियों के उत्पात को देखते हुए प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने इमरजेंसी का ऐलान किया है।

इससे पहले उनके भाई और पूर्व वित्त मंत्री बेसिल राजपक्षे ने भी सोमवार को देश से दुबई भागने की कोशिश की, लेकिन उन्हें हवाई अड्डे पर रोक दिया गया था। 71 वर्षीय बेसिल राजपक्षे को भी देश के मौजूदा हालातों के लिए व्यापक रूप से जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।

गोटाबाया राजपक्षे सैन्य जेट से मालदीव की राजधानी माले के हवाई अड्डे पर उतरे। राष्ट्रपति अपने परिवार के पांच सदस्यों और तीन कर्मचारियों के साथ देश छोड़कर भागे हैं। इससे पहले उन्होंने संसद अध्यक्ष और प्रधानमंत्री को बुधवार को अपना इस्तीफा सौंपने का संदेश दिया था। 

प्रोटोकॉल के अनुसार, गोटबाया राजपक्षे को अपना इस्तीफा श्रीलंका के मुख्य न्यायाधीश को भेजना होगा और फिर इस्तीफे की एक प्रति प्रधानमंत्री और संसद के अध्यक्ष को भेजनी होगी।

श्रीलंका में आर्थिक संकट बढने के साथ ही 9 जुलाई को रानिल विक्रमसिंघे ने प्रधान मंत्री के पद से इस्तीफा देने की घोषणा की थी, यही नहीं उनके साथ-साथ लगभग पूरे मंत्रिमंडल ने ही इस्तीफा दे दिया था, लगभग 26 मंत्रियों ने सरकार छोड़ दी थी।

राष्ट्रपति शुक्रवार के बाद से ही सार्वजनिक रूप से जनता के सामने प्रस्तुत नहीं हुए हैं। संसद उनके स्थान पर नए व्यक्ति का चुनाव 20 जुलाई को करेगी।

पूर्व प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे सहित राजपक्षे परिवार ने देश की 22 मिलियन जनता पर 22 वर्षों से शासन किया है। अधिकांश श्रीलंकाई अपनी वर्तमान समस्याओं के लिए राजपक्षे परिवार को ही ज़िम्मेवार ठहराते हैं।

गौरतलब है कि गोटाबाया राजपक्षे 9 जुलाई को कोलंबो में अपने आधिकारिक आवास को छोड़कर निकल गए थे, इससे कुछ ही क्षण पहले हजारों प्रदर्शनकारी पुलिस बैरिकेड्स तोड़कर राष्ट्रपति भवन पर धावा बोल दिया था।