भोपाल: राज्य सरकार खण्डवा जिले में मांधाता पर्वत के समीप ओंकारेश्वर में आचार्य शंकर की प्रतिमा, उनका संग्रहालय एवं अंतराष्ट्रीय अद्धैत वेदान्त संस्थान प्रकल्प तैयार कर रही है। इन तीनों धार्मिक निर्माणों हेतु नर्मदा नदी से जल तो दिया जायेगा परन्तु उसका शुल्क वसूला जायेगा।
उक्म तीनों निर्माण का दायित्व एवं निर्माण बाद संचालन का जिम्मा मप्र राज्य पर्यटन विकास निगम को सौंपा गया है। निगम ने जब इसके लिये समीपस्थ नर्मदा नदी से जल देने की मांग की तो जल संसाधन विभाग ने उसे बिना शुल्क लिये पानी देने से इंकार कर दिया है। जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता पीके शर्मा ने आदेश जारी कर कहा है कि उक्त तीनों निर्माण के लिये पर्यटन निगम को नर्मदा नदी से 0.438 मिलियन घनमीटर वार्षिक जल सशर्त आवंटित किया जायेगा।
निगम को आवंटित जल के अनुसार एक माह के जलकर तथा उपकर के समतुल्य आवंटन शुल्क नगद जमा करना होगा तथा दो माह के जलकर तथा उपकर के समतुल्य धरोहर (प्रतिभूति) राशि नगद जमा कराना होगी। इस राशि पर कोई ब्याज देय नहीं होगा।
आवंटन शुल्क एवं प्रतिभूति राशि पर्यटन निगम द्वारा एक माह के अंदर कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, खण्डवा के कार्यालय में जमा कराना होगी और शासन द्वारा समय-समय पर लागू की गई जल दर अनुसार जल कर का नियमित भुगतान समय पर करना होगा।