भारतीय मूल के UAE में कर्मरत उद्योगपति और विख्यात बिजनेस एडवाइजर जमशेदपुर निवासी श्री आफताब हसन ने इंदौर में विशेष चर्चा में कहा कि मैं सदैव अपनी जड़ों से जुड़ा रहा हूं इसलिए कभी उखड़ा नहीं और आज तक टिका हुआ हूं।

भारतीय मनुष्य को यदि दुनिया में अपने नाम और काम को पूजनीय बनाना है तो उसे मजबूत इरादों के साथ अपनी संस्कृति, सभ्यता और प्रकृति के साथ कदमताल करते हुए चलना होगा फिर चाहे उद्योग धंधे हो, अधोसंरचना का विकास हो या किसी भी क्षेत्र में प्रगति का सफर हो जड़ों से जुड़े व्यक्ति हमेशा सफल होते हैं।

श्री हसन ने सरकार के उस नारे को जिस में "सबका साथ सबका विकास" कहा जाता है उस पर जोर देते हुए कहा कि यह केवल नारा ही ना बना रहे यह प्रत्येक भारतीय की अंतरात्मा में उतरना चाहिए खासकर राजनेताओं और ब्यूरोक्रेसी को यह समझना होगा कि किसी एक वर्ग के विकास से प्रगति नहीं दिखेगी। हरेक हर वर्ग, धर्म, जाति का विकास भारतीयता के इस दर्शन को सार्थक करेगा।