भोपाल- कोरोना के बाद दुनिया में मंकीपॉक्स को लेकर दहशत फैली हुई है। मप्र में भी मंकी पॉक्स के संदिग्ध लक्षणों वाले मरीजों और विदेश से आने वाले यात्रियों की निगरानी की जा रही है। इस बीच राज्य में अजीबोगरीब बीमारी के मामले सामने आए हैं हालांकि डाक्टर्स ने लक्षणों के आधार पर इसे चिकनपॉक्स बताया है. इस बीमारी के बढ़ते मामलों ने प्रशासन और डाक्टर्स की टेंशन बढ़ा दी है। राजधानी भोपाल के ही पास के दो गांवों में तीन स्कूली बच्चों में इस रोग की पुष्टि हुई है। 

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि रातीबड़ क्षेत्र के मेंडोरा गांव में दो बच्चों में चिकनपॉक्स की पुष्टि हुई है। 12 साल की एक बच्ची को दो दिन से बुखार और शरीर पर पानीदार दाने हो रहे थे। इसकी जानकारी लगने पर आसपास के 50 घरों का सर्वे कराया गया। बच्ची के 9 साल के भाई को भी कुछ दिन पहले चिकन पॉक्स हुआ था। बड़ी बहन को भी यह समस्या होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीमें आसपास के घराें की जांच में जुटीं हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार दोनों बच्चों को सभी टीके भी लग चुके हैं। इसी तरह बरखेड़ा नाथू गांव में एक 24 वर्षीय युवक भी चिकनपॉक्स से ग्रस्त मिला है। 

24 साल के शिविंद्र (परिवर्तित नाम) के चेहरे के साथ ही शरीर पर भी दाने निकल रहे थे। उसकी मां स्थानीय उप स्वास्थ्य केन्द्र में दवा लेने पहुंची. सीएचओ ममता शर्मा ने जब उसकी मां से मरीज को साथ लाने को कहा तो मां ने बताया कि वह घर से बाहर नहीं निकल सकता। जब सीएचओ शर्मा ने गहराई से पूछताछ की तो यह बात पता लगी कि शिविंद्र को चिकनपॉक्स है। उसका उपचार करने के बाद स्वास्थ्य विभाग की मैदानी टीम ने आसपास के घरों का सर्वे शुरु किया है।