दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर तेज़ हवाओं और बारिश के दौरान एक बड़ा हादसा टल गया। रविवार को तूफानी मौसम के बीच एयर इंडिया के तीन विमान एक साथ क्षतिग्रस्त हो गए। एक समाचार एजेंसी के अनुसार, यह घटना तब हुई जब ज़मीनी हैंडलिंग उपकरण अचानक अपनी जगह से हट गए।

तेज़ हवाओं और बारिश के कारण एयर इंडिया इंजीनियरिंग और इंडिगो के ज़मीनी उपकरण अपनी जगह से हट गए और टर्मिनल 2 पर खड़े एयर इंडिया के नैरो-बॉडी विमान से टकरा गए। इस घटना में तीनों विमान क्षतिग्रस्त हो गए और उन्हें तुरंत सेवा से हटा दिया गया।

मौसम में अचानक बदलाव

एयरपोर्ट ऑपरेटर ने कहा कि उन्हें मौसम में अचानक बदलाव के बारे में कोई पूर्व चेतावनी नहीं मिली थी। वहीं, एयर इंडिया ने इस घटना पर आधिकारिक तौर पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। हालांकि, एयरलाइन से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि खराब मौसम का असर सिर्फ एयर इंडिया के विमानों पर ही नहीं पड़ रहा है, दूसरी एयरलाइनों के विमान भी प्रभावित हुए हैं।

सूत्र के अनुसार, क्षतिग्रस्त एयर इंडिया के तीन विमानों में से दो को मरम्मत के बाद तुरंत सेवा में वापस लाया जाएगा, जबकि तीसरे को ठीक करने में अधिक समय लग सकता है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब दिल्ली और उसके आसपास के इलाके मॉनसून-पूर्व तेज़ तूफ़ान और बारिश का सामना कर रहे हैं, जिससे उड़ान संचालन बाधित हो रहा है। 

एक दिन पहले बर्ड स्ट्राइक की घटना

यह घटना इंडिगो की बेंगलुरु-मुंबई रूट पर चलने वाली उड़ान में तकनीकी खराबी आने के एक दिन बाद हुई है। सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार को हवा में उड़ते समय इंडिगो की उड़ान 6E 6283 एक पक्षी से टकरा गई थी।

बर्ड स्ट्राइक के बाद, पायलट ने एहतियात के तौर पर तुरंत जांच के लिए विमान को बे (bay) में वापस लाने का फैसला किया। इंजीनियरों द्वारा गहन जांच के बाद, विमान को संचालन के लिए सुरक्षित घोषित कर दिया गया। जांच के बाद, एक घंटे से ज़्यादा की देरी से उड़ान फिर से शुरू हुई। इस घटना में कोई भी यात्री या क्रू मेंबर घायल नहीं हुआ।

बता दें, कि एयर इंडिया अपनी घरेलू उड़ानों में 22% तक की कटौती करेगी, जबकि इंडिगो जून और अगस्त 2026 के बीच एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की ज़्यादा कीमतों के कारण अपनी घरेलू उड़ानों में 5-7% की कटौती करने की योजना बना रही है। इंडिगो ने अपनी इंटरनेशनल कैपेसिटी में भी 17% की कटौती की है।