भोपाल: शिक्षा, संस्कार और प्रतिभा के समन्वय का अनुपम दृश्य उस समय देखने को मिला, जब मध्यप्रदेश प्रेस क्लब के तत्वावधान में रवीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के शारदा सभागार में “मेधावी छात्र सम्मान समारोह 2026” का भव्य एवं गरिमामय आयोजन सम्पन्न हुआ। समारोह में भोपाल सहित प्रदेश के विभिन्न विद्यालयों के 12वीं कक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 500 से अधिक मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवा प्रतिभाओं का उत्साहवर्धन करते हुए शिक्षा के प्रति सकारात्मक, प्रेरणादायी एवं मूल्यनिष्ठ वातावरण निर्मित करना रहा।
सभागार में विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों एवं शिक्षाविदों की उत्साहपूर्ण उपस्थिति ने आयोजन को एक प्रेरक शैक्षणिक उत्सव का स्वरूप प्रदान किया। समारोह में मेधावी विद्यार्थियों को मेडल पहनाकर एवं सम्मान-पत्र प्रदान कर उनकी उपलब्धियों का अभिनंदन किया गया। साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मध्यप्रदेश शासन के आयुष विभाग के अतिरिक्त सचिव संजय कुमार मिश्रा रहे। विशिष्ट अतिथियों के रूप में पुलिस मुख्यालय मध्यप्रदेश की डीआईजी सिमाला प्रसाद तथा मध्यप्रदेश प्रेस क्लब के प्रेसिडेंट एवं वरिष्ठ संपादक डॉ. नवीन आनंद जोशी विशेष रूप से उपस्थित रहे। वहीं विश्वविद्यालय की ओर से प्रो चांसलर डॉ. अदिति चतुर्वेदी वत्स, कुलगुरु डॉ. रवि प्रकाश दुबे तथा कुलसचिव डॉ. संगीता जौहरी की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को विशेष ऊँचाई प्रदान की।
समारोह में सागर पब्लिक स्कूल, आईकॉनिक स्कूल, आनंद विहार स्कूल, भेल स्कूल तथा महात्मा गांधी स्कूल सहित अनेक शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थी, शिक्षक एवं अभिभावक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि संजय कुमार मिश्रा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सफलता का वास्तविक आधार केवल प्रतिभा नहीं, बल्कि निरंतर परिश्रम, अनुशासन और सकारात्मक सोच है। उन्होंने कहा कि आज सम्मानित हो रहे विद्यार्थी ही भविष्य के भारत के निर्माता हैं और युवाओं को शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ नैतिक मूल्यों एवं सामाजिक जिम्मेदारियों को भी आत्मसात करना चाहिए।
अपने उद्बोधन में डॉ. नवीन आनंद जोशी ने विद्यार्थियों को जीवन के व्यापक सरोकारों से जोड़ते हुए कहा कि करियर का चयन केवल व्यक्तिगत उपलब्धि तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उसमें परिवार, समाज और राष्ट्रहित की भावना भी समाहित होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि व्यक्ति अपने लक्ष्य तक अकेले नहीं पहुँचता, बल्कि उसके पीछे परिवार, समाज और व्यवस्था का सामूहिक सहयोग होता है। उन्होंने विद्यार्थियों को अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों के प्रति भी सजग रहने का संदेश दिया।
डीआईजी सिमाला प्रसाद ने विद्यार्थियों को व्यक्तित्व विकास एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के संबंध में महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाएँ केवल ज्ञान नहीं, बल्कि व्यक्ति के धैर्य, आत्मविश्वास, निर्णय क्षमता और व्यवहारिक दृष्टिकोण का भी परीक्षण करती हैं। उन्होंने जीवन में लक्ष्य निर्धारण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को निरंतर आत्मविकास के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर उनकी आगामी फिल्म द नर्मदा स्टोरी के ट्रेलर का भी प्रदर्शन किया गया, जिसे उपस्थित विद्यार्थियों एवं अतिथियों ने उत्साहपूर्वक देखा।
प्रो चांसलर डॉ. अदिति चतुर्वेदी वत्स ने कहा कि मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान केवल उपलब्धियों का उत्सव नहीं, बल्कि समाज में शिक्षा एवं प्रतिभा के प्रति सम्मान की भावना को सुदृढ़ करने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि युवा प्रतिभाएँ ही राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला हैं और उन्हें सतत प्रोत्साहन मिलना आवश्यक है।
कुलगुरु डॉ. रवि प्रकाश दुबे ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल अच्छे अंक अर्जित करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, नवाचार की सोच और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना भी है। वहीं कुलसचिव डॉ. संगीता जौहरी ने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को नई ऊर्जा प्रदान करते हैं और उन्हें अपने लक्ष्यों के प्रति अधिक समर्पण एवं प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
समारोह के दौरान विद्यार्थियों को शिक्षा, करियर निर्माण एवं व्यक्तित्व विकास से संबंधित महत्वपूर्ण मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया। पूरे आयोजन में उत्साह, प्रेरणा और सकारात्मक ऊर्जा का वातावरण बना रहा। कार्यक्रम का सफल संयोजन आरएनटीयू के एडमिशन हेड डॉ. अनिल तिवारी तथा मध्यप्रदेश प्रेस क्लब के संयुक्त सचिव अजय प्रताप सिंह द्वारा किया गया।
समारोह का समापन विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामनाओं एवं शिक्षा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ।विद्यार्थी हुए सम्मानित
भोपाल। शिक्षा, संस्कार और प्रतिभा के समन्वय का अनुपम दृश्य उस समय देखने को मिला, जब मध्यप्रदेश प्रेस क्लब के तत्वावधान में रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के शारदा सभागार में “मेधावी छात्र सम्मान समारोह 2026” का भव्य एवं गरिमामय आयोजन सम्पन्न हुआ। समारोह में भोपाल सहित प्रदेश के विभिन्न विद्यालयों के 12वीं कक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 500 से अधिक मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवा प्रतिभाओं का उत्साहवर्धन करते हुए शिक्षा के प्रति सकारात्मक, प्रेरणादायी एवं मूल्यनिष्ठ वातावरण निर्मित करना रहा।
सभागार में विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों एवं शिक्षाविदों की उत्साहपूर्ण उपस्थिति ने आयोजन को एक प्रेरक शैक्षणिक उत्सव का स्वरूप प्रदान किया। समारोह में मेधावी विद्यार्थियों को मेडल पहनाकर एवं सम्मान-पत्र प्रदान कर उनकी उपलब्धियों का अभिनंदन किया गया। साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मध्यप्रदेश शासन के आयुष विभाग के अतिरिक्त सचिव संजय कुमार मिश्रा रहे। विशिष्ट अतिथियों के रूप में पुलिस मुख्यालय मध्यप्रदेश की डीआईजी सिमाला प्रसाद तथा मध्यप्रदेश प्रेस क्लब के प्रेसिडेंट एवं वरिष्ठ संपादक डॉ. नवीन आनंद जोशी विशेष रूप से उपस्थित रहे। वहीं विश्वविद्यालय की ओर से प्रो चांसलर डॉ. अदिति चतुर्वेदी वत्स, कुलगुरु डॉ. रवि प्रकाश दुबे तथा कुलसचिव डॉ. संगीता जौहरी की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को विशेष ऊँचाई प्रदान की।
समारोह में सागर पब्लिक स्कूल, आईकॉनिक स्कूल, आनंद विहार स्कूल, भेल स्कूल तथा महात्मा गांधी स्कूल सहित अनेक शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थी, शिक्षक एवं अभिभावक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि संजय कुमार मिश्रा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सफलता का वास्तविक आधार केवल प्रतिभा नहीं, बल्कि निरंतर परिश्रम, अनुशासन और सकारात्मक सोच है। उन्होंने कहा कि आज सम्मानित हो रहे विद्यार्थी ही भविष्य के भारत के निर्माता हैं और युवाओं को शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ नैतिक मूल्यों एवं सामाजिक जिम्मेदारियों को भी आत्मसात करना चाहिए।
अपने उद्बोधन में डॉ. नवीन आनंद जोशी ने विद्यार्थियों को जीवन के व्यापक सरोकारों से जोड़ते हुए कहा कि करियर का चयन केवल व्यक्तिगत उपलब्धि तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उसमें परिवार, समाज और राष्ट्रहित की भावना भी समाहित होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि व्यक्ति अपने लक्ष्य तक अकेले नहीं पहुँचता, बल्कि उसके पीछे परिवार, समाज और व्यवस्था का सामूहिक सहयोग होता है। उन्होंने विद्यार्थियों को अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों के प्रति भी सजग रहने का संदेश दिया।
डीआईजी सिमाला प्रसाद ने विद्यार्थियों को व्यक्तित्व विकास एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के संबंध में महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाएँ केवल ज्ञान नहीं, बल्कि व्यक्ति के धैर्य, आत्मविश्वास, निर्णय क्षमता और व्यवहारिक दृष्टिकोण का भी परीक्षण करती हैं। उन्होंने जीवन में लक्ष्य निर्धारण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को निरंतर आत्मविकास के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर उनकी आगामी फिल्म द नर्मदा स्टोरी के ट्रेलर का भी प्रदर्शन किया गया, जिसे उपस्थित विद्यार्थियों एवं अतिथियों ने उत्साहपूर्वक देखा।
प्रो चांसलर डॉ. अदिति चतुर्वेदी वत्स ने कहा कि मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान केवल उपलब्धियों का उत्सव नहीं, बल्कि समाज में शिक्षा एवं प्रतिभा के प्रति सम्मान की भावना को सुदृढ़ करने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि युवा प्रतिभाएँ ही राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला हैं और उन्हें सतत प्रोत्साहन मिलना आवश्यक है।
कुलगुरु डॉ. रवि प्रकाश दुबे ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल अच्छे अंक अर्जित करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, नवाचार की सोच और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना भी है। वहीं कुलसचिव डॉ. संगीता जौहरी ने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को नई ऊर्जा प्रदान करते हैं और उन्हें अपने लक्ष्यों के प्रति अधिक समर्पण एवं प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
समारोह के दौरान विद्यार्थियों को शिक्षा, करियर निर्माण एवं व्यक्तित्व विकास से संबंधित महत्वपूर्ण मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया। पूरे आयोजन में उत्साह, प्रेरणा और सकारात्मक ऊर्जा का वातावरण बना रहा। कार्यक्रम का सफल संयोजन आरएनटीयू के एडमिशन हेड डॉ. अनिल तिवारी तथा मध्यप्रदेश प्रेस क्लब के संयुक्त सचिव अजय प्रताप सिंह द्वारा किया गया।
समारोह का समापन विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामनाओं एवं शिक्षा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ।