इंदौर के कबित खेड़ी में एशिया के सबसे बड़े बायो सीएनजी प्लांट में बनने वाली गैस से मंगलवार को शहर में दो सिटी बसें चलाई गईं. बायो सीएनजी से चलने के लिए एआईसीटीएसएल में अब तक 65 सिटी बसें आ चुकी हैं। ट्रेन्चिंग ग्राउंड में प्लांट के पास बने बायो सीएनजी पंप से दो बसों में ईंधन भरा गया और ये बसें ट्रेंचिंग ग्राउंड से स्टार स्क्वायर डिपो में पहुंचीं. इस तरह प्लांट में बनने वाली गैस की भी जांच की गई। फरवरी के अंत तक यह प्लांट प्रतिदिन 550 टन गीले कचरे का उपयोग करके 1750 किलोग्राम बायो सीएनजी का उत्पादन करने में सक्षम होगा।
Madhya Pradesh: Union Minister Dharmendra Pradhan visits three waste management and Bio CNG plants in Indore earlier today. pic.twitter.com/z6dENp01Ze
— ANI (@ANI) December 6, 2020
96% मीथेन युक्त तैयार गैस
290 सिटी बसें करेंगी गैस का इस्तेमाल
नवदुनिया दैनिक जागरण के मुताबिक़ प्लांट में बनने वाली गैस से चलने के लिए 65 सिटी बसें इंदौर पहुंची हैं. इस महीने के अंत तक 70 बसें इंदौर पहुंचेंगी। इसके अलावा 120 सिटी और आईबस में भी यही गैस इस्तेमाल की जाएगी जो अभी चल रही है। मार्च के अंत तक शहर की 290 बसें इस प्लांट से बनने वाली गैस का इस्तेमाल करेंगी।
20 राज्यों के 100 प्रतिनिधि भाग लेंगे
बायो सीएनजी प्लांट 19 फरवरी को इंदौर के ट्रेंचिंग ग्राउंड में लॉन्च किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वस्तुतः इस संयंत्र का उद्घाटन करेंगे। इस प्लांट के उद्घाटन के मौके पर 20 राज्यों के 100 प्रतिनिधि शहर आएंगे। इनमें मिशन निदेशक और राज्यों के शहरी आवास एवं विकास विभाग के अन्य प्रतिनिधि शामिल होंगे।
ट्रेंचिंग ग्राउंड में वाहनों को बायो सीएनजी उपलब्ध कराने के लिए पंप लगाया गया है। इसके अलावा शहर में रसोमा स्क्वायर और राजीव गांधी स्क्वायर के पास दो और सीएनजी पंप बनाए जाएंगे। इन्हें तैयार करने की जिम्मेदारी अवंतिका गैस कंपनी को दी गई है। कंपनी ट्रेंचिंग ग्राउंड से बनने वाली गैस को इन दोनों पंपों तक पहुंचाएगी। अवंतिका गैस को पंप तक गैस पहुंचाने के एवज में निगम प्रतिमाह एक निश्चित राशि का भुगतान करेगा। ये दोनों पंप सिटी बसों को गैस सप्लाई करेंगे। इसके अलावा अवंतिका गैस एजेंसी अन्य वाहनों को भी गैस मुहैया करा सकेगी। ...