भोपाल: लोकायुक्त के एक जांच प्रकरण में लचर जांच रिपोर्ट देने वाले जल संसाधन विभाग के अधीक्षण यंत्री की एक वार्षिक वेतनवृदि रोक कर दण्डित किया गया है।
इस संबंध में राज्य सरकार द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि जल संसाधन मण्डल, जबलपुर के अधीक्षण यंत्री पवन कुमार गुप्ता को लोकायुक्त जांच प्रकरण क्रमांक 1115/2017 विरूद्ध उदय सिंह चौधरी सहायक यंत्री जल संसाधन विभाग जिला डिण्डौरी की जांच हेतु जांचकर्ता अधिकारी नियुक्त किया गया था।

गुप्ता द्वारा 1 जून 2019 को प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन का लोकायुक्त संगठन में परीक्षण करने पर पाया गया कि गुप्ता द्वारा अभिकथनों की जांच किए बिना ही अनावेदक को संरक्षण देने की मंशा से उसके पक्ष में लचर जांच प्रतिवेदन सरसरी तौर पर प्रस्तुत किया गया है तथा शिकायत के अभिकथनों के संबंध में आधे-अधूरे अभिलेख संलग्न किए गए है, जिनमें अधिकांश की छायाप्रति अपठनीय एवं अस्पष्ट हैं। इसलिये गुप्ता द्वारा जांचकता अधिकारी की हैसियत से की गई लापरवाही स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुई है।

आदेश में कहा गया है कि अधीक्षण यंत्री पवन कुमार गुप्ता द्वारा जांचकर्ता अधिकारी की हैसियत से की गई लापरवाही से लोकायुक्त संगठन के समक्ष विभाग की छवि धूमिल होने के कारण उनकी एक वेतनवृद्धि असंचयी प्रभाव से रोके जाने की शास्ति अधिरोपित कर प्रकरण समाप्त किया जाता है।