सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान की याचिका पर सुनवाई के दौरान अहम टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि अगर एक मामले में जमानत मिल जाती है तो दूसरा मामला दर्ज हो जाता है। ऐसा क्यों चल रहा है? एक के बाद एक 89 मामले सामने आए है।
यूपी सरकार का प्रतिनिधित्व करने वाले एक वकील ने कहा कि यह एक गलत धारणा है। हम इस संबंध में हलफनामा दाखिल करेंगे। कोर्ट ने इसे मंजूरी देते हुए सुनवाई 17 मई तक के लिए स्थगित कर दी।
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान की जमानत याचिका पर सुनवाई की। लेकिन उन्हें अभी भी जेल से रिहा नहीं किया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि एक के बाद दूसरा केस एक चलन सा बन गया है। एक व्यक्ति के खिलाफ 89 मामले दर्ज किए गए है। जमानत मिलने पर नया मामला सामने आ जाता है। यह कैसे हो रहा है?
यूपी सरकार के अभियोजकों ने कहा कि यह एक गलतफहमी है। प्रत्येक मामले अलग-अलग है। राज्य सरकार चाहती है कि अदालत एक हलफनामे के जरिए इस बात को समझें। कोर्ट ने इस संबंध में राज्य सरकार को एक हलफनामा दाखिल करने की अनुमति दी। लेकिन अब अगली सुनवाई अगले सप्ताह मंगलवार को होगी।
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने आजम खान के मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट पर नाराजगी जाहिर की थी। SC ने कहा, ऐसा कैसे हो सकता है कि उच्च न्यायालय ने महीनों पहले फैसला सुरक्षित रख लिया था और कोई फैसला नहीं दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद हाईकोर्ट ने आजम खान को मामले में जमानत दे दी थी। लेकिन इन सब के बाद भी आज़म खान फ़िलहाल जेल में ही बंद है।