दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में हुई हिंसा के बाद एमसीडी की कार्रवाई पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी। कोर्ट ने जहांगीरपुरी में दिल्ली नगर निगम द्वारा चलाये जा रहे अतिक्रमण विरोधी अभियान पर रोक लगाने का आदेश दिया है। साथ ही कोर्ट गुरुवार को इस मामले पर सुनवाई करेगा।
#WATCH | Despite SC order to maintain status-quo on demolition drive, NDMC continues anti-encroachment drive in the Jahangirpuri area of Delhi pic.twitter.com/TW07OM2WFE
— ANI (@ANI) April 20, 2022
कोर्ट में दो याचिकाएं हुई दाखिल :
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट में इस मामले पर दो याचिकाएं दाखिल की गई हैं। यूपी, एमपी और देश के अन्य हिस्सों में हुई बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ कोर्ट में याचिका दायर की गई। कुछ समय पहले ही दिल्ली के जहांगीरपुरी में हुई एमसीडी की कार्रवाई के खिलाफ दूसरी याचिका दायर हुई।
#WATCH | Anti-encroachment drive underway at Jahangirpuri area of Delhi by North Delhi Municipal Corporation pic.twitter.com/jZ76MOq9Le
— ANI (@ANI) April 20, 2022
कल होगी सुनवाई :
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब अवैध संपत्तियों और अतिक्रमण के खिलाफ एमसीडी का बुलडोजर नहीं चलेगा। कोर्ट ने जहांगीरपुरी में यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया। लेकिन अब आगे कार्रवाई जारी रहे या रोकी जाए, इस मामले पर कोर्ट कल सुनवाई करेगा।
#WATCH | Anti-encroachment drive still underway at Jahangirpuri by North Delhi Municipal Corporation despite Supreme Court order to maintain status-quo pic.twitter.com/cAG4FhdpMT
— ANI (@ANI) April 20, 2022
अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई पर रोक :
आपको बता दे कि, जहांगीरपुरी में हनुमान जयंती पर हिंसा भड़क गई थी। उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने हिंसा स्थल पर अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई करने का फैसला किया था। अतिक्रमण के खिलाफ दो दिन 20, 21 अप्रैल को बुलडोजर चलाना था। इसके तहत बुधवार को निगम के अधिकारियों ने जहांगीरपुरी में अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई शुरू की, लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी।
भाजपा की यह मांग, लेकिन ओवैसी ने जताया विरोध :
दरअसल बीजेपी ने मांग की थी कि हिंसा में शामिल आरोपियों के अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाया जाएं। इसके बाद उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने जहांगीरपुरी इलाके में अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाने का फैसला किया था। लेकिन ओवैसी ने इस पर विरोध जताया है। हाल ही में यूपी, एमपी और गुजरात में भी इसी तरह की कार्रवाई की गई थी।