सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना मौत मामले में झूठे दावे करने वालों पर चिंता जताई है। शीर्ष अदालत ने कहा, जब हमने मुआवजे का आदेश दिया, तो हमने कभी नहीं सोचा था कि लोग इस तरह के झूठे दावे करेंगे। सॉलिसिटर जनरल ने सीएजी से ऑडिट कराने की सिफारिश की है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से हलफनामा दाखिल करने को भी कहा है।

सॉलिसिटर जनरल ने पिछले हफ्ते अदालत को बताया था कि उनके आदेश के अनुसार सभी राज्यों में मुआवजे का भुगतान किया जा रहा है। लेकिन फर्जी प्रमाण पत्र जारी करने वाले डॉक्टरों की भी समस्या है। कोर्ट ने सभी पक्षों को इससे बचने के लिए निर्देश देने को कहा हैं।

कोर्ट में सरकार ने कही यह बात :

कोर्ट ने फर्जी कोरोना सर्टिफिकेट के इस्तेमाल पर रोक लगाने के निर्देश मांगे हैं। बता दें कि केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने फर्जी कोरोना सर्टिफिकेट या नकली दवाओं का मुद्दा उठाया था।    उन्होंने पीठ को बताया कि अदालत के आदेश के अनुसार फिलहाल मुआवजे की राशि का भुगतान डॉक्टरों द्वारा जारी मृत्यु प्रमाण पत्र के आधार पर ही किया जा रहा है। नतीजतन कई लोग कोर्ट के आदेश का फायदा उठाकर डॉक्टरों को पैसे देकर फर्जी सर्टिफिकेट बना रहे हैं।