सूर्यकुमार यादव का जिंबाब्वे के तेज गेंदबाज रिचर्ड नगरवा की गेंद पर लगाया गया स्कूप शॉट चर्चा का विषय बना हुआ है। उन्होंने रविवार को मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड में 25 गेंदों पर नाबाद 61 रनों की पारी खेलकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया था। टी-20 क्रिकेट के नंबर एक बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव ने कहा कि आपको यह समझना होता है कि उस समय गेंदबाज कौन सी गेंद करने वाला है जो कि उस समय कुछ हद तक पूर्व निर्धारित होता है। मैंने रबड़ गेंद से क्रिकेट खेलते हुए इस शाट का जमकर अभ्यास किया था।

उन्होंने कहा कि आपको यह जानना होता है कि गेंदबाज उस समय क्या सोच रहा है। तब मैं खुद पर भरोसा करता हूं। आपको पता होता है कि सीमा रेखा कितनी दूर है। उन्होंने कहा कि जब मैं क्रीज पर होता हूं तो मुझे लगता है कि यह केवल 60-65 मीटर दूर है और गेंद की तेजी को भांपकर मैं सही टाइमिंग से शॉट लगाने की कोशिश करता हूं। मैं गेंद को बल्ले के स्वीट स्पॉट पर लेने की कोशिश करता हूं और अगर वह सही तरह से हिट होती है तो सीमा रेखा के बाहर चली जाती है।

जब मैं बल्लेबाजी के लिए जाता हूं तो कुछ बाउंड्री लगाने की कोशिश करता हूं और अगर मैं ऐसा नहीं कर पाया तो विकेटों के बीच तेजी से दौड़ लगाकर अधिक से अधिक रन जुटाने की कोशिश करता हूं। सूर्यकुमार यादव ने कहा कि विराट भाई के साथ बल्लेबाजी कर रहे हो तो तेजी से रन चुराना ही पड़ेगा। मैं ऐसा प्रयास करता हूं और खाली जगहों पर शाट खेल कर तेजी से रन बनाने की कोशिश करता हूं लेकिन मैं जानता हूं कि मुझे उस समय किस तरह के शॉट खेलने की जरूरत है।