भोपाल: राज्य के जल संसाधन विभाग ने 14 दिसम्बर 2020 को गुजरात के एक ठेकेदार का पंजीयन समय पर निर्माण कार्य पूर्ण न करने पर दो साल के लिये निलम्बित किया था और किसी भी टेण्डर में भाग लेने से अयोग्य करार दिया था, परन्तु अब उसे बहाल कर दिया गया है।
मेसर्स भूपतानी एसोसिएट राजकोट (गुजरात) ठेकेदार महेश वायपी ठक्कर का मुख्य अभियन्ता वैनगंगा कछार जल संसाधन विभाग सिवनी ने पंजीसन निलम्बित किया था। इस पर ठेकेदार ने 11 फरवरी 2022 को अपील कर पंजीयन का निलम्बन समाप्त करने का अनुरोध किया। प्रमुख अभियन्ता जल संसाधन को अपीलीय अधिकारी बनाया गया और सुनवाई की। ठेकेदार ने सुनवाई में लिखित पक्ष प्रस्तुत किया कि पेंच व्यपवर्तन परियोजना अन्तर्गत बांयी तट मुख्य नहर एवं शेष सीमेंट कांक्रीट लाइनिंग का कार्य अनुबंध अनुसार 6 मार्च 2018 को आवंटित किया गया।
उक्त कार्य कृषकों के विरोध, कृषकों द्वारा फसल लगा देना, प्रथम लाकडाउन, असामयिक एवं अत्याधिक वर्षा सिंचाई हेतु नहरों में पानी छोड़े जाने एवं द्वितीय लाकडाउन के कारण कार्य निर्धारित समयावधि में पूर्ण नहीं किया जा सका। वर्तमान में अनुबंधितं कार्य का 70 प्रतिशत कार्य पूरा कर दिया गया है, शेष कार्य 31 जून 2022 तक पूरा कर दिया जावेगा। इसलिये पंजीयन निलम्बन से बहाल किया जाये। मुख्य अभियन्ता ने भी कहा कि ठेकेदार ने अनुबंधित कार्य का लगभग 60 प्रतिशत कार्य पूरा कर दिया है, शेष 40 प्रतिशत कार्य प्रगति पर है।
इस पर प्रमुख अभियंता मदन सिंह डावर ने निर्णय दिया कि ठेकेदार द्वारा अनुबंधित कार्य एवं अतिरिक्त मात्राओं सहित वर्तमान तक राशि रू. 907.60 लाख का कार्य सम्पादित किया जा चुका है। चूंकि ठेकेदार द्वारा 50 प्रतिशत से अधिक कार्य सम्पादित किया जा चुका है एवं ठेकेदर द्वारा लिखित आश्वासन एवं कार्यपालन यंत्री की अनुशंसा को दृष्टिगत रखते हुए ठेकेदार के पंजीयन को बहाल करने की अनुशंसा की जाती है। और ठेकेदार को आमंत्रित की जाने वाली निविदाओं के प्रतिस्पर्धा में भाग लेने की अनुमति प्रदान की जाती है। इस निर्णय के परिप्रेक्ष्य में ठेकेदार, किसी भी प्रकार की हुई आर्थिक क्षति का प्रतिपूर्ति दावा प्रस्तुत नही कर सकेंगे।