टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड ने सोमवार को भारतीय सेना को स्वदेश में विकसित तकनीक पर आधारित क्विक रिएक्शन फाइटिंग के मध्यम क्षमता वाले व्हीकल की सफलतापूर्वक डिलीवरी की। TASL ने ट्वीट करके इस बात की जानकारी दी।
इसमें आगे कहा गया है, कि इस वाहन के शामिल होने से भारतीय सेना की परिचालन क्षमताओं वृद्धि होगी जिससे भविष्य में होने वाले विवादों मे मदद मिलेगी।
इससे पहले रक्षा राज्यमंत्री अजय भट्ट ने कहा कि केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में कई नीतिगत पहल की हैं और देश में स्वदेशी डिजाइन, विकास और रक्षा उपकरणों के निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए सुधार लाए हैं। जिससे स्वदेशी रक्षा उपकरणों के उत्पादन का विस्तार हो सके।
TASL successfully delivers the QRFV (Quick Reaction Fighting Vehicle- Medium) to the Indian Army pic.twitter.com/vfEvRZYwAH
— TATA Advanced Systems (TATA Aerospace & Defence) (@tataadvanced) July 25, 2022
सोशल मीडिया पर भी इस उपलब्धि के टाटा को सैल्यूट किया जा रहा है. और कहा जा रहा है कि भारतीय सेना अब इन व्हीकल में ज्यादा सुरक्षित है इसके लिए टाटा पर गर्व है-
Very Proud On TATA. Happy To see that our Armed forces are very safe in Vehicle. Jay Hind.
— Er. Harvijaysinh Ganpatsinh Raj (@harvimech) July 25, 2022
वहीं एक पत्र में बताया गया है,कि स्वदेशी रक्षा उपकरणों के उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए केंद्र द्वारा की गई पहल के परिणामस्वरूप पिछले चार वर्षों में - 2018-19 से 2021-22 विदेशी स्रोतों से रक्षा खरीद पर होने वाले खर्च को कुल खर्च के 46 प्रतिशत से घटाकर 36 प्रतिशत कर दिया गया है।
इससे पहले अप्रैल में, सेनाध्यक्ष जनरल एमएम नरवणे ने क्यूआरएफवी के पहले सेट को शामिल किया था। एक रक्षा विज्ञप्ति के अनुसार, सेना प्रमुख ने QRFV, इन्फैंट्री प्रोटेक्टेड मोबिलिटी व्हीकल (IPMV), TASL द्वारा विकसित अल्ट्रा लॉन्ग रेंज ऑब्जर्वेशन सिस्टम और भारत फोर्ज द्वारा विकसित मोनोकॉक हल मल्टी-रोल माइन-प्रोटेक्टेड आर्मर्ड व्हीकल कोभी सेना के सैन्य दल में शामिल किया था।