पति-पत्नी का रिश्ता जितना नाजुक होता है उतना ही मजबूत भी होता है। मगर इस रिश्ते हंसी-मजाक की भी एक मर्यादा होती है। अगर आप दायरे से निकलते हैं तो केरल हाईकोर्ट की इस टिप्पणी पर गौर फरमाना जरूरी है। पत्नी पर बार-बार इस बात के लिए तंज कसना कि वह उसकी उम्मीदों पर खरा नहीं उतरती है, क्रूरता है और ये तलाक का आधार है। कोर्ट ने कहा कि लगातार पत्नी पर तंज कसना मानसिक करता है। हालांकि ऐसा पहली बार नहीं है कि कोर्ट ने पत्नी या महिला के लिए अधिकारों या उनकी प्रताड़ना पर कोई टिप्पणी की हो। हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट के कई ऐसे फैसले हैं जिसमें महिलाओं को अदालतों की तरफ से सुरक्षा दी गई है। 

केरल का क्या है मामला 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक केरल हाईकोर्ट में दाखिल अर्जी में महिला ने कहा था कि उनके पति उनकी शारीरिक बनावट पर टिप्पणी करते थे। 2009 में शादी के वक्त से ही ये सिलसिला शुरू हुआ था। महिला ने आरोप लगाया था उनके पति हमेशा कहते थे वह वैसी खूबसूरत नहीं है जैसी अन्य महिलाएं हैं। दोनों शादी के बाद बमुश्किल 1 महीने ही साथ रहे थे। केरल हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि पत्नी पर बार बार टिप्पणी सही नहीं है और ये तलाक का आधार है। कोर्ट ने इस अर्जी पर सुनवाई करते हुए दोनों के तलाक को मंजूरी दे दी।