भोपाल: राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग ने अधिसूचना जारी कर ग्यारह साल पहले 26 अगस्त 2011 को बने मप्र स्कूल शिक्षा शिक्षक-शिक्षा एवं प्रशिक्षण अकादमिक राजपत्रित सेवा भर्ती तथा सेवा शर्तें नियम निरस्त कर दिये हैं।
मजेदार बात यह है कि जब वर्ष 2011 में ये नियम बनाये गये थे तब उस समय प्रचलित मप्र स्कूल शिक्षा भर्ती तथा पदोन्नति नियम 1982 तथा मप्र प्रशिक्षण संस्थान राजपत्रित सेवा भर्ती नियम 1991 निरस्त किये गये थे।
वर्ष 2011 के नियम अब निरस्त करने पर भी राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि इन नियमों के तहत की गई कार्यवाही को यह निरसन प्रभावित नहीं करेगा।
क्या था निरसित नियम में प्रावधान:
निरसित नियमों में स्कूल शिक्षा विभाग के आठ संस्थानों यथा राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद भोपाल, राज्य विज्ञान शिक्षा संस्थान जबलपुर, आंग्ल भाषा अध्यापन संस्थान भोपाल, पूर्व प्राथमिक प्रशिक्षण संस्थान जबलपुर, प्रगत शैक्षिक अध्ययन संस्थान भोपाल एवं जबलपुर, अध्यापक शिक्षा महाविद्यालय खण्डवा, छतरपुर, देवास, उज्जैन, रीवा एवं ग्वालियर, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान तथा जिला स्रोत केंद्र में भर्ती के लिये प्रावधान किये गये थे तथा इसमें प्रथम श्रेणी के अंतर्गत आयुक्त सह संचालक का एक, अपर संचालक के 3, संयुक्त संचालक के 10, प्राध्यापक संवर्ग के 71 एवं द्वितीय श्रेणी के अंतर्गत सहायक प्राध्यापक के 249, वरिष्ठ व्याख्याता के 263 तथा व्याख्याता के 407 पद स्वीकृत किये गये थे। चूंकि अब यह नियम निरसित हो गयें हैं, इसलिये अब इन नियमों के तहत उक्त पदों पर भर्ती नहीं होगी।