कल्पना कीजिए, 120 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार... 1,000 किलो की पेलोड क्षमता... मल्टी-लेयर्ड बैलिस्टिक ग्लॉस से कवर्ड वाहन आतंकी मंसूबों को रौंदता हुआ जब आगे बढ़ेगा तो दुश्मनों के क्या हाल होंगे। खास बात यह कि इस पर दुश्मनों के गोला बारूद, असॉल्ट राइफलों व बारूदी सुरंग के हमलों का भी कोई असर नहीं होगा। इस वाहन का नाम अरमाडो मान्स्टर है। जिसे महिंद्रा डिफेंस द्वारा तैयार किया गया है। जिसकी डिलीवरी महिंद्रा एंड महिंद्रा की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी महिंद्रा डिफेंस सिस्टम्स ने इंडियन आर्मी के लिए शुरू कर दी है। इस बात की जानकारी महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ही ट्विटर पर साझा की है। दरअसल, यह एक आर्मर्ड लाइट स्पेशलिस्ट व्हीकल है।
महिंद्रा ने रोलआउट होने का एक वीडियो शेयर करते हुए अपने पोस्ट में लिखा कि, हमने अभी-अभी अर्माडो- भारत के पहले आर्मर्ड लाइट स्पेशलिस्ट व्हीकल की डिलीवरी शुरू की है। जो हमारे सशस्त्र बलों के लिए भारत में गर्व के साथ डिजाइन और डेवलप किया गया है। बताया जाता है कि बीती मार्च 2021 में रक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को लेकर सरकार ने जब एक बड़ा कदम उठाया था, उस वक्त रक्षा मंत्रालय ने महिंद्रा डिफेंस से 1,300 लाइट स्पेशलिस्ट व्हीकल्स खरीदी का ऑर्डर दिया था। इसके लिए मंत्रालय ने कंपनी से 1,056 करोड़ रुपये का करार किया था। कंपनी ने हाल में इसकी सप्लाई शुरू की है और इसकी खूबी यह है कि यह अन्य बख्तरबंद गाड़ियों से ज्यादा तेज चल सकता है।
पूरी तरह से भारत में ही तैयार
महिंद्रा डिफेंस सिस्टम्स ने इस एआरएमएडीओ पूरी तरह से भारत में ही तैयार किया है। इसका इस्तेमाल काउंटर टेरिरिस्ट ऑपरेशन, अति संवेदनशील इलाकों मे पेट्रोलिंग, स्पेशल फोर्स के ऑपरेशन और क्विक रिएक्शन टीम के तौर पर किया जाएगा। इसमें हथियारों, गोला- बारूद के लिए पर्याप्त भंडारण के साथ ही 400 किलोग्राम की कार्गो भार क्षमता और चार लोगों के बैठने की सुविधा है। चालक दल के सदस्यों के लिए फंट, साइड और रियर बैलिस्टिक और ब्लास्ट सुरक्षा मिलती है। इसके अलावा, इसे बैलिस्टिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए अपग्रेड किया जा सकता है। इसमें सेल्फ- रिकवरी विंच के साथ ऑल व्हील इंडिपेंडेंट सस्पेंशन सिस्टम भी है।