भोपाल। अब 15 साल से ज्यादा पुराने में वाहनों को कबाड़ में देना ही होगा। मप्र सरकार नई स्क्रैप पालिसी का क्रियान्वयन करने की कवायद तेज कर चुका है। राज्य के परिवहन विभाग ने अनुपयुक्त और प्रदूषणकारी वाहनों को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने और पर्यावरण अनुकूल तरीके से वाहन स्क्रैप के पुनर्चक्रण को बढ़ावा देने की योजना बना ली है। ज्ञात हो देश में करीब एक करोड़ से अधिक अनुपयुक्त वाहन है, जिनमें लगभग पांच लाख वाहन मप्र राज्य में हैं।
उल्लेखनीय है कि पुराने वाहनों के संचालन ज्यादा लागत आती है, ऐसे पुराने अनुपयुक्त वाहनों के सड़क से हटने पर जहां वायु प्रदुषण में कमी आएगी, वहीं सड़क सुरक्षा में सुधार होगा। वाहन स्क्रेप पालिसी लागू होने पर वर्तमान में अनौपचारिक वाहन स्क्रेपिंग उद्योग को औपचारिक रूप दिया जा सकेगा तथा ऑटोमोटिव, स्टील और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग के लिए कम लागत में कच्चा माल उपलब्ध हो सकेगा। यदि कोई वाहन स्वचालित फिटनेस परीक्षण या पुनः परीक्षण में विफल रहता है, तो इसे एंड ऑफ लाइफ वाहन घोषित किया जाएगा और ऐसे वाहनों को अनिवार्य रूप से रजिस्टर्ड वाहन स्क्रैप सुविधा केंद्र के माध्यम से स्क्रैप कराना होगा।
नया वाहन खरीदने पर छूट
जानकारी के मुताबिक स्क्रैप किये गए वाहनों के विरुद्ध खरीदे गए नए वाहनों के प्रोत्साहन हेतु केंद्र सरकार द्वारा वाहन पंजीयन शुल्क में पुर्णतः छूट प्रदान की गई है तथा राज्य सरकार भी ऐसे परिवहन यानो के मोटर यान कर में 15 प्रतिशत तक तथा गैर परिवहन यानो के मोटर यान कर में 25 प्रतिशत तक की छूट प्रदाय करने पर विचार कर रही है। 1 अक्टूबर 2022 से 15 साल से अधिक पुराने सरकारी वाहनों को अनिवार्य रूप से स्क्रैप कराना होगा तथा समस्त श्रेणी के भारी वाहनों का फिटनेस टेस्ट अनिवार्यतः स्वचालित फिटनेस परीक्षण केंद्र से ही कराना होगा।
आवेदन के साथ एक लाख
रजिस्टर्ड वाहन स्क्रैप सुविधा केंद्र स्थापित करने हेतु कोई भी व्यक्ति, फर्म, सोसाइटी, कंपनी या ट्रस्ट परिवहन आयुक्त को आवेदन कर सकते है, आवेदन के साथ रुपये एक लाख का गैर वापसी योग्य प्रसंस्करण शुल्क देय होगा, साथ ही रुपए दस लाख की अर्नेस्ट मनी बैंक गारंटी के रूप में जमा करनी होगी। रजिस्टर्ड वाहन स्क्रैप सुविधा केंद्र का पंजीयन 10 वर्ष की अवधि के लिए होगा, जिसका नवीनीकरण पुनः 10 वर्ष के लिए किया जा सकेगा।