भोपाल: राज्य सरकार के वाणिज्यिक कर विभाग ने बीयर में 50 प्रतिशत माल्ट मिलाने की बाध्यता खत्म कर दी है। वर्ष 2002 में यह प्रावधान किया गया था। दरअसल माल्ट राईस, ग्रेन, जौ आदि से बनाया जाता है।
बीयर निर्माण में इसको मिलाने में से लागत बढ़ रही थी। इसीलिये अब इसका प्रावधान खत्म कर दिया गया है तथा अब बीयर निर्माता बीयर में माल्ट की बहुत कम मात्रा भी मिला सकेंगे। बीयर में सुक्रामीन, शुगरोल और सेकरीन न मिलाने का प्रावधान यथावत रखा गया है।