हिमाचल प्रदेश में कुदरत का कहर थम नहीं रहा है. राज्य में लगातार हो रहीं बारिश के कारण भूस्खलन की घटनाएं भी सामने आ रहीं हैं. जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. सरकार की तरफ से जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक कुल 71 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 2500 से ज्यादा लोगों को बचाया गया है. साथ ही राज्य को 7500 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है.

शिमला-कांगड़ा में भी भयावह स्थिति-

हिमाचल प्रदेश के ज्यादातर जिले बाढ़ की चपेट में आ गये हैं. पौंग बांध से पानी छोड़े जाने पर कांगड़ा जिले में बाढ़ की भयावह स्थिति पैदा हो गई. लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया. शिमला से भी हालात कुछ ऐसे ही बने हुए हैं. भूस्खलन और तेज़ बारिश की घटनाओं ने वहां भी कहर बरपाया है.

कांगड़ा जिले से 2500 लोगों को बचाया गया-

सरकार की तरफ से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, अकेले कांगड़ा से करीब 2500 लोगों को बचाया गया है. रेस्क्यू में सेना की मदद ली जा रही है. जिला प्रशासन, सेना, भारतीय वायुसेना संयुक्त रूप से राहत और बचाव अभियान चला रही है.

शिमला पिछले कई दिनों से भारी भूस्खलन की चपेट में है. क्योंकि भूस्खलन में अब तक कई इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह गईं. नगर विकास विभाग की भी कई इमारतें गिरने की स्थिति में हैं.

कृष्णा नगर में भूस्खलन से दो की मौत-

शिमला के कृष्णा नगर में भूस्खलन हुआ, जिसमें कई इमारतें ढह गईं. कृष्णा नगर वार्ड में स्लॉटर हाउस के पास भूस्खलन से 5 इमारतें ढह गईं. मंगलवार शाम को हुए हादसे के बाद रात भर राहत कार्य जारी रहा. इनमें से अब तक दो लोगों के शव बरामद किये जा चुके हैं.

शिव मंदिर में 13 लोगों की मौत-

इमारतों पर आये प्राकृतिक खतरे को देखते हुए 35 से अधिक घरों को खाली करा लिया गया है. वही, शिव मंदिर पर हुए हादसे में अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है.