भोपाल: प्रदेश के सहकारिता आयुक्त ने अपने सभी अधीनस्थ सहकारिता उपायुक्तों एवं सहायक आयुक्तों को निर्देश जारी कर कहा है कि वे लोकायुक्त के विभिन्न मामलों में न्यायालय में मिले स्थगन आदेश का दो-तीन माह के अंदर निराकरण करायें। इसके लिये हाल ही में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिये गये एक निर्णय का भी हवाला दिया गया है।

जारी निर्देश में बताया गया है कि लोकायुक्त कार्यालय में विभिन्न प्रकरणों में सुनवाई के दौरान सर्वोच्च न्यायालय, द्वारा विषयांतिकत प्रकरण में पारित आदेश के संबंध में सभी अधिकारियों को अवगत कराने हेतु अनुशंसा की है। इस आदेश में यह निर्देश है कि न्यायालयीन प्रकरणों में न्यायालयों द्वारा दिए गए स्थगन आदेश पर दो-तीन माह में निर्णय किया जाना चाहिए। इसलिये विचाराधीन प्रकरणों में न्यायालय के समक्ष उक्त आदेश का उदहरण देकर मामलों को निराकृत कराने का प्रयत्न किया जाए।