भोपाल: मई के अंतिम दिनों में देशभर का मौसम तेजी से करवट ले रहा है। एक ओर राजस्थान और विदर्भ के इलाके भीषण गर्मी की चपेट में हैं, वहीं दूसरी ओर दक्षिण भारत, उत्तराखंड और पूर्वी भारत में तेज बारिश, आंधी और प्री-मानसून गतिविधियाँ बढ़ गई हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून अब अरब सागर, लक्षद्वीप, कोमोरिन क्षेत्र और बंगाल की खाड़ी के बड़े हिस्सों तक पहुँच चुका है, जिससे देश के विभिन्न भागों में मौसमीय हलचल तेज हो गई है।

जैसलमेर सबसे गर्म, नरसिंहपुर भी टॉप-10 में..

30 मई 2026 को देश का सर्वाधिक अधिकतम तापमान राजस्थान के जैसलमेर में 45.6°C दर्ज किया गया। चंद्रपुर और फलोदी में 44.8°C तापमान रिकॉर्ड हुआ। देश के सबसे गर्म स्थानों की सूची में मध्यप्रदेश का नरसिंहपुर भी शामिल रहा, जहाँ तापमान 43.6°C तक पहुँच गया। इससे स्पष्ट है कि मानसूनी नमी बढ़ने के बावजूद मध्य भारत के कुछ हिस्सों में भीषण गर्मी अभी भी बनी हुई है।

देश के सबसे गर्म 10 स्थान..

जैसलमेर – 45.6°C

चंद्रपुर – 44.8°C

फलोदी – 44.8°C

गोंदिया – 44.4°C

बीकानेर – 44.0°C

ब्रम्हपुरी – 44.0°C

खम्मम – 44.0°C

बाड़मेर – 43.7°C

गंगानगर – 43.7°C

नरसिंहपुर – 43.6°C

उमस ने बढ़ाई परेशानी, वर्धा में ‘फील्स लाइक’ तापमान 44.4°C..

महाराष्ट्र के वर्धा में देश का सबसे अधिक Apparent Temperature यानी ‘फील्स लाइक’ तापमान 44.4°C दर्ज किया गया। ओडिशा, छत्तीसगढ़ और विदर्भ के कई हिस्सों में वास्तविक तापमान की तुलना में गर्मी अधिक महसूस की गई। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अधिक आर्द्रता के कारण शरीर की शीतलन प्रक्रिया प्रभावित होती है, जिससे गर्मी और अधिक खतरनाक महसूस होती है।

देहरादून में सबसे ज्यादा बारिश..

पिछले 24 घंटों में देश में सबसे अधिक 121 मिमी वर्षा देहरादून में रिकॉर्ड की गई। वहीं केरल में मानसून की सक्रियता लगातार बढ़ रही है। कोच्चि में 93.8 मिमी और तिरुवनंतपुरम में 87.5 मिमी बारिश दर्ज हुई। प्रयागराज, बेंगलुरु, मंगलुरु, मछलीपट्टनम और छत्तीसगढ़ के पेंड्रा रोड में भी अच्छी वर्षा रिकॉर्ड की गई।

पिछले 24 घंटों के सबसे अधिक वर्षा वाले स्थान..

देहरादून – 121 मिमी

कोच्चि – 93.8 मिमी

तिरुवनंतपुरम – 87.5 मिमी

प्रयागराज/घूपुर – 61 मिमी

पोर्ट ब्लेयर – 57 मिमी

पेंड्रा रोड – 49 मिमी

बेंगलुरु – 46.3 मिमी

गुजरात और मध्यभारत में चली तेज हवाएँ..

देश में सबसे अधिक औसत हवा की गति बड़ौदा एयरोड्रम में 23.8 किमी/घंटा दर्ज की गई। गुजरात के कई तटीय शहरों के साथ इंदौर और भोपाल भी सबसे अधिक हवादार स्थानों की सूची में शामिल रहे। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अरब सागर से आने वाली नमी और सक्रिय प्री-मानसून परिस्थितियों के कारण पश्चिमी और मध्य भारत में सतही हवाओं की गति बढ़ी हुई है।

कोलकाता में 63 किमी/घंटा की तेज हवा..

पूर्वी भारत में भी मौसम ने अचानक करवट ली। कोलकाता के अलीपुर क्षेत्र में पिछले 24 घंटों के दौरान अधिकतम Wind Gust 63 किमी/घंटा दर्ज किया गया। तेज हवा के साथ गरज-चमक और वर्षा गतिविधियों ने मौसम को पूरी तरह बदल दिया। वहीं दमदम क्षेत्र में अधिकतम Wind Gust 17 किमी/घंटा दर्ज किया गया। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बढ़ती नमी और ऊपरी वायु परिसंचरण के कारण पूर्वी भारत में आंधी-तूफान जैसी स्थितियाँ बन रही हैं।

मानसून ने बढ़ाई रफ्तार..

IMD के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून अब—दक्षिण-पश्चिम एवं दक्षिण-पूर्व अरब सागर

लक्षद्वीप क्षेत्र

कोमोरिन क्षेत्र

बंगाल की खाड़ी के बड़े हिस्से तक पहुँच चुका है। अगले 4–5 दिनों में मानसून के केरल और तमिलनाडु के और हिस्सों में आगे बढ़ने की संभावना है।

मध्यप्रदेश में बदलेगा मौसम..

मध्यप्रदेश में अगले 3–4 दिनों के दौरान प्री-मानसून गतिविधियाँ तेज हो सकती हैं। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, रीवा, शहडोल, नर्मदापुरम और महाकौशल क्षेत्रों में गरज-चमक, तेज हवाओं और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। कुछ क्षेत्रों में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएँ चल सकती हैं तथा तापमान में 2–4 डिग्री की गिरावट देखने को मिल सकती है।

कई मौसम प्रणालियाँ एक साथ सक्रिय..

देशभर में इस समय पश्चिमी विक्षोभ, चक्रवाती परिसंचरण, अरब सागर एवं बंगाल की खाड़ी से बढ़ती नमी तथा मध्य भारत से गुजर रही द्रोणिका मौसम को प्रभावित कर रही हैं।विशेषज्ञों का मानना है कि जून के पहले सप्ताह में मानसून और अधिक सक्रिय हो सकता है। इसके साथ ही देश के कई हिस्सों में गर्मी से राहत मिलने की संभावना है, हालांकि आंधी, बिजली गिरने और तेज हवाओं का खतरा भी बना रहेगा। कुल मिलाकर देश इस समय मौसम के संक्रमण काल से गुजर रहा है— कहीं भीषण लू, कहीं उमस भरी गर्मी, कहीं 63 किमी/घंटा की तेज हवाएँ और कहीं झमाझम बारिश।