भोपाल: राज्य सरकार ने पांच माह पहले 31 जनवरी को चम्बल अभयारण्य को 207.049 हैक्टेयर क्षेत्र स्थानीय रहवासियों की रेत आवश्यक्ताओं के मद्देनजर डिनोटिफाई किया था। लेकिन इस डिनोटिफकेशन में यह ध्यान नहीं रखा था कि यह डिनोटिफाई क्षेत्र अभयारण्य की सीमा से बाहर दो किमी ईको सोंसेटिव जोन में आ रहा है और ऐसे जोन में खनन प्रतिबंधित रहता है।
इससे वहां रेत का खनन नहीं हो पा रहा था। इसलिये अब राज्य के वन विभाग ने डिनोटिफाई क्षेत्र में रेत खनन करने हेतु वहां की ईको सेंसेटिव जोन सीमा को खत्म करने का प्रस्ताव मंजूर लिया है।
अब इसे अंतिम मंजूरी के लिये केंद्र सरकार के पास भेजा जायेगा क्योंकि ईको सेंसेटिव जोन की सीमा वही घोषित करती है और वही उसे खत्म कर सकती है।