भोपाल: राज्य के वित्त विभाग ने एक गफलत कर दी है। उसने विमानन विभाग को राजकीय वायुयानों के पायलटों एवं यात्रियों के बीमे का प्रीमीयम भरने का अधिकार तो दे दिया परन्तु वायुयानों के बीमा की प्रीमीयम भरने का अधिकार नहीं दिया। इसी कारण से अब विमानन विभाग ने वित्त विभाग को फाईल लौटा कर उसे संशोधित आदेश जारी करने का आग्रह किया है।
उल्लेखनीय है कि पिछली कमलनाथ सरकार के समय विदेश से खरीदा गया स्टेट प्लेन ग्वालियर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस प्लेन का बीमा नहीं था इसलिये इसकी कोई क्षतिपूर्ति राज्य सरकार को नहीं मिल पाई थी और मात्र कुछ माह ही चला 60 करोड़ रुपयों का प्लेन बेकार हो गया था।
इसके बाद राज्य सरकार ने अपने स्टेट हेलीकाप्टर का 55 लाख रुपये सालाना पर बीमा करा लिया। इस बीमे की एक साल की अवधि खत्म हो रही है। इधर राज्य सरकार ने नये जेट प्लेन की खरीदी के लिये भी टेण्डर जारी किये हुये हैं।
नये आने वाले जेट प्लेन का बीमा कराने एवं वर्तमान हेलीकाप्टर के बीमे का नवीनीकरण कराने के लिये विमानन विभाग ने वित्त विभाग से अधिकार मांगे थे जिस पर वित्त विभाग ने 26 मई 2022 को वित्तीय संहिता के तहत आयुक्त विमानन को 50 लाख रुपये तक और प्रशासकीय विभाग को 50 लाख रुपये से अधिक प्रीमीयम भरने का अधिकार प्रदान कर दिया परन्तु इसमें उसने उल्लेख किया कि सिर्फ पायलटों एवं उसमें बैठने वाले यात्रियों का ही बीमा हो सकेगा।
इस पर विमानन विभाग ने आपत्ति लगा दी है तथा वित्त विभाग से कहा है कि उसे राजकीय वायुयानों के बीमे की प्रीमीयम को भरने का भी प्रावधान करना चाहिये अन्यथा पहले जैसी स्थिति हो जायेगी यानि बिना बीमे के वायुयान हो जायेंगे तथा किसी कारणवश उन्हे क्षति पहुंचने पर कोई क्षतिपूर्ति नहीं मिलेगी। अब विमानन विभाग वित्त विभाग से संशोधित आदेश आने का इंतजार कर रहा है।