भोपाल: नरसिंहपुर जिले के करेली इलाके में एक बाघिन को फंदे में फंसाकर मार डाला गया और उसके अंग (खाल, पंजे, मूंछें) अलग कर दिए गए। वन विभाग ने ₹20 लाख में इन्हें बेचने की गुप्त डील के दौरान 5 तस्करों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। घटना से जुड़े मुख्य बिंदु:स्थान: नरसिंहपुर के करेली क्षेत्र में बाघिन के अंग मिलने से हड़कंप मच गया। वन विभाग विभाग ने जाल बिछाकर 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
नरसिंहपुर के करेली इलाके में एक सब-एडल्ट मादा बाघिन को तड़पा-तड़पा कर मार डाला गया। शिकारियों ने बाघिन को फंसाने के लिए टाइगर कॉरिडोर में क्लच वायर का एक जानलेवा फंदा लगाया था। जैसे ही बाघिन इसमें फंसी, उसे बेरहमी से मार दिया गया। इसके बाद शिकारियों ने बाघिन के शव को टुकड़ों में काट डाला। उसकी खाल, खोपड़ी, मूंछ के बाल और नाखून अलग कर लिए गए ताकि इन्हें ब्लैक मार्केट में मोटे दाम पर बेचा जा सके। फॉरेंसिक जांच में पता चला है कि यह कत्ल करीब 15 दिन पहले किया गया था।
भेष बदलकर पहुंचा वन विभाग
छिंदवाड़ा के हर्रई इलाके के जामुनपानी के रहने वाले इन पांचों आरोपी इन अंगों को तांत्रिक क्रियाओं के लिए ₹20 लाख में बेचने की फिराक में थे। इसी बीच वन विभाग को इस डील की भनक लग गई। डीएफओ स्वरूप दीक्षित की अगुवाई में एक सीक्रेट ऑपरेशन प्लान किया गया। वन विभाग के कर्मचारी खुद फर्जी खरीदार बनकर इस गैंग से मिले। जैसे ही सौदा पक्का हुआ और शिकारियों ने बाघिन के कटे हुए अंग सामने रखे, चारों तरफ से घेराबंदी करके पांचों को दबोच लिया गया। इनमें से एक आरोपी पहले भी बाघ के शिकार के मामले में जेल जा चुका है।
वन विभाग के हाथ लगे 5 बड़े सुराग
क्लच वायर का जाल: वारदात वाली जगह से क्लच वायर के फंदे के सबूत मिले हैं, जो अमूमन शातिर शिकारी इस्तेमाल करते हैं।
पुराना क्रिमिनल रिकॉर्ड: पकड़े गए 5 आदिवासियों में से एक आदतन अपराधी है, जो पहले भी बाघ के शिकार में नामजद रह चुका है।
लोकल मुखबिर का शक: करेली जैसे इलाके में जहां बाघ कम दिखते हैं, वहां बाघिन की मूवमेंट ट्रैक करने के लिए शिकारियों को किसी लोकल इनसाइडर से टिप मिली थी।
कटे हुए अंग बरामद: आरोपियों के पास से बाघिन की खाल, खोपड़ी, मूंछें और पंजे बरामद किए गए हैं, जिन्हें फॉरेंसिक लैब भेजा गया है।
व्हाट्सएप और फोन कॉल्स की डिटेल: डील के लिए इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए हैं, जिनसे बड़े तांत्रिकों और खरीदारों के नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।